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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Dhanteras 2024 Yama Deepam Date Time Vidh Mantra Mahatva aur yam ka deepak jalane ki manyta

Dhanteras 2024: धनतेरस पर क्यों जलाते हैं यम का दीया? यहां जानिए मुहूर्त, मंत्र और विधि

Mon, 28 Oct 2024 04:58 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Mon, 28 Oct 2024 04:58 PM IST
सार

अपने परिवार को अकाल मृत्यु के साये से बचाने के लिए लोग धनतेरस की रात में यम दीपम भी जलाते हैं। पूरे वर्ष में एक मात्र यही ऐसा दिन होता है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है।

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Dhanteras 2024 Yama Deepam Date Time Vidh Mantra Mahatva aur yam ka deepak jalane ki manyta
मान्यताओं के अनुसार यम का दीपक दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए। - फोटो : amar ujala

विस्तार

Dhanteras 2024: धनतेरस या धनत्रयोदशी दिवाली के पांच दिवसीय पर्व का पहला दिन है। इसे नई खरीदारी करने के लिए शुभ अवसर माना जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार यह दिन में समुद्र मंथन (क्षीर सागर का मंथन) से जुड़ा हुआ है। इसी समुद्र मंथन के दौरान ही माता लक्ष्मी और धन्वंतरि देव  प्रकट हुए थे, जो क्रमशः धन और स्वास्थ्य का प्रतीक हैं। अपने परिवार को अकाल मृत्यु के साये से बचाने के लिए लोग धनतेरस की रात में यम दीपम भी जलाते हैं। पूरे वर्ष में एक मात्र यही ऐसा दिन होता है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं इस साल यम दीपम जलाने का मुहूर्त क्या रहेगा।
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यम दीपम की तिथि और मुहूर्त 
धनतेरस के दिन यम दीपम जलाने का मुहूर्त:  29 अक्तूबर,  मंगलवार, सायं 05:38 से  सायं 06:55 तक 

यम दीपक जलाने की दिशा 
मान्यताओं के अनुसार यम का दीपक दक्षिण दिशा में जलाना चाहिए। दरअसल दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा मानी जाती है। कथाओं के अनुसार जो जातक दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाते हैं उन्हें अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता। 
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यम दीपक जलाते समय मंत्र जाप  
धनतेरस के दिन जब यम के नाम का दीपक जलाएं तो नीचे दिए गए मंत्र का जाप अवश्य करें। 

मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह |
त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ||


यम का दीपक क्यों जलाते हैं? 
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यमराज को मृत्यु का देवता माना जाता है। कहते हैं धनतेरस के दिन यमराज के नाम से दीपदान करने से मनुष्य के जीवन से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता।  पद्मपुराण में भी इस बात का उल्लेख मिलता है- कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां तु पावके. यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनश्यति" अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को घर से बाहर यमराज के लिए दीपक जला देना चाहिए इससे दूर मृत्यु का नाश होता है।
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धनतेरस के दिन यम-दीपदान की पूजन विधि 
  • धनतेरस के दिन यम के दीपक का दान प्रदोष काल में करना चाहिए। 
  • विधि के अनुसार आटे का एक बड़ा दीपक लें फिर उसमें स्वच्छ रुई लेकर लम्बी बत्तियां बना लें। 
  • दीपक में उन्हें एक दूसरे के ऊपर आड़ी बत्तियां रखें। इस तरह से चौमुखी दीया तैयार हो गया। 
  • अब इसे तिल के तेल से भर दें और साथ ही उसमें कुछ काले तिल भी डाल दें। 
  • प्रदोष काल में इस प्रकार तैयार किए गए दीपक का रोली, अक्षत एवं पुष्प से पूजन करें। 
  • इसके पश्चात घर के मुख्य दरवाजे के बाहर थोड़ी -सी खील अथवा गेहूं से ढेरी बनाकर उसके ऊपर दीपक को रखना है। 
  • दीपक को रखने से पहले प्रज्वलित कर लें और दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए चार मुँह के दीपक को खील आदि की ढेरी के ऊपर रख दें।
  •  ‘ॐ यमदेवाय नमः ’ कहते हुए दक्षिण दिशा में नमस्कार करें ।


डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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