Basant Panchami 2022: आज वसंत पंचमी पर कैसे करें सरस्वती पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और राशि के अनुसार उपाय
Basant Panchami 2022: ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष वसंत पंचमी के दिन त्रिवेणी योग का संयोग बन रहा है। इन तीन शुभ योग में विद्यारंभ और शुभ कार्य करने बहुत ही फलदायी रहेगा।
विस्तार
वसंत पंचमी 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त (Basant Panchami Shubh Muhurat 2022)
वसंत पंचमी- 5 फरवरी, शनिवार 2022
पूजा मुहूर्त: 07:07 मिनट से 12:35 मिनट तक
अवधि: 5 घंटे 28 मिनट
वसंत पंचमी पर त्रिवेणी योग
ज्योतिष गणना के अनुसार इस वर्ष वसंत पंचमी के दिन त्रिवेणी योग का संयोग बन रहा है। इन तीन शुभ योग में विद्यारंभ और शुभ कार्य करने बहुत ही फलदायी रहेगा। आइए जानते हैं कौन से हैं ये तीन शुभ योग...
पहला शुभ योग- सिद्धि योग
दूसरा शुभ योग- साध्य योग
तीसरा शुभ योग- रविव योग
वसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा विधि
- सबसे पहले सुबह जल्दी से सो कर उठें और घर की साफ सफाई करें और पूजा की सामग्री एकत्रित करें।
- वसंत पंचमी पर पूजा से पहले स्नान करते समय शरीर पर नीम और हल्दी का लेप करें।
- स्नान करने के बाद पूजा का संकल्प लेते हुए सूर्यदेव को जल अर्पित करें और अपने आराध्य देव की मन में आराधना करें।
- सूर्यदेव को जल देने के बाद मां सरस्वती का प्रिय रंग पीला या फिर सफेद रंग के कपड़े पहनें।
- मां सरस्वती की आराधना करने से पहले पूजा स्थल पर पट्टे के ऊपर देवी सरस्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। साथ ही बगल में भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें।
- देवी सरस्वती और भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करने के साथ मां की प्रिय चीज जैसे पुस्तक, पेन,वीणा या फिर कोई कलाकृति रखें।
- देवी सरस्वती की पूजा आराधना में पूजा की थाली में हल्दी, कुमकुम, चावल, गंगाजल और पीले रंग के पुष्य रखें।
- इसके बाद गणेश आराधना करके के मां को पीले या सफेद रंग के वस्त्र अर्पित करें।
- वस्त्र अर्पित करने के बाद मां को पीले रंग का तिलक लगाएं और पीले फूल अर्पित करते हुए सभी सामग्रियां उन्हें अर्पित करें।
- अंत में सरस्वती वंदना करते हुए इस मंत्र का जाप करें।
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥१॥
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्।
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥२॥
मेष : वसंत पंचमी के दिन सरस्वती मां की पूजा के दौरान सरस्वती कवच पाठ जरूर करें। ऐसा करने से बुद्धि की प्राप्ति होगी। इसके अलावा एकाग्रता की कमी भी ठीक हो जाएगी।
वृषभ: मां सरस्वती को प्रसन्न करने के लिए उनको सफेद चंदन का तिलक लगाएं और फूल अर्पित करें। ऐसा करने से ज्ञान में बढ़ोतरी होने के साथ ही जो भी समस्याएं हैं, उनसे राहत मिलेगी।
मिथुन: मां सरस्वती को हरे रंग का पेन (कलम) अर्पित करें और उससे ही अपनी सभी कार्यों को पूरा करें। ये कार्य आपकी लिखने संबंधी समस्याएं को समाप्त करने में मददगार होगा।
कर्क: मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए। संगीत क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले छात्रों को ऐसा करने से बहुत अधिक फायदा होगा।
सिंह: मां सरस्वती की पूजा के दौरान गायत्री मंत्र का जाप जरूर करें। ऐसा करने से विदेश में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों की इच्छा पूरी हो जाएगी।
कन्या: गरीब बच्चों में पढ़ने की सामाग्री बांटे, जिसमें पेन, पेंसिल किताबें आदि शामिल हों। अगर आप ऐसा करते हैं तो पढ़ाई में आ रही आपकी परेशानी को दूर किया जा सकता है।
तुला: किसी ब्राह्मण को सफेद कपड़ें दान में दें। यदि छात्र ऐसा करते हैं तो उन्हें वाणी से जुड़ी किसी परेशानी से निजात मिल सकती है और आपकी वाणी में मधुरता आएगी।
वृश्चिक: अगर याद्दाश्त से संबंधित कोई परेशानी है तो इसे आप मां सरस्वती की आराधना करके इसे दूर कर सकते हैं। मां सरस्वती की पूजा के बाद लाल रंग का पेन उन्हें अर्पित करें।
धनु: पीले रंग की कोई मिठाई अर्पित करें। इससे आपकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ जाएगी। साथ ही आपकी उच्च शिक्षा की इच्छा भी मां सरस्वती अवश्य पूरी करेंगी।
मकर: निर्धन व्यक्तियों को सफेद रंग का अनाज दान करें। ऐसा करने से मां सरस्वती आपके बुद्धिबल में विकास होगा।
कुंभ: गरीब बच्चों में स्कूल बैग और दूसरी जरूरी चीजें दान करें। मां सरस्वती की कृपा आप पर बनी रहेगी और आपका आत्म विश्वास भी बढ़ेगा।
मीन: छोटी कन्याओं में पीले रंग के कपड़े दान करें। इससे आपके करियर में आने वाली समस्याओं का निवारण होगा। आपके ऊपर मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहेगा।