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Hindi News ›   Spirituality ›   Festivals ›   Akshaya Tritiya Significance What To Do On Akshaya Tritiya Shubh Yoga Upay And Importance

Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया पर बन रहा खास संयोग, जानिए महत्व और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय

Sun, 05 May 2024 01:39 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 05 May 2024 01:39 PM IST
सार

इस वर्ष अक्षय तृतीया पर बहुत ही अच्छा योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इस बार 100 साल बाद अक्षय तृतीया पर गजकेसरी राजयोग बन रहा है।

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Akshaya Tritiya Significance What To Do On Akshaya Tritiya Shubh Yoga Upay And Importance
Akshaya Tritiya 2024: अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Akshaya Tritiya Significance: हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का त्योहार मनाया जाता है। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का खास महत्व होता है। इस दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-आराधना करने पर घर खुशियों और धन-दौलत से भर जाता है। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना गया है यानी इस तिथि पर बिना मुहूर्त का विचार किए कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य किया जा सकता है। अक्षय तृतीया पर पूजा और दान करने पर अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी से बने आभूषणों को खरीदने की परंपरा होती है। 
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शुभ योग में अक्षय तृतीया
इस वर्ष अक्षय तृतीया पर बहुत ही अच्छा योग बन रहा है। वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक इस बार 100 साल बाद अक्षय तृतीया पर गजकेसरी राजयोग बन रहा है। दरअसल अक्षय तृतीया पर चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पति की युति होने से गजकेसरी योग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ योग माना गया है। इस अलावा अक्षय तृतीया पर मालव्य योग, धन योग, रवियोग, उत्तम योग और शश योग को मिलाकर कुल पांच महा शुभ योग बनेगा। 
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अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने और दान करने का महत्व
10 मई को अक्षय तृतीया है। अक्षय तृतीया को स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है। इस तिथि पर हर तरह के शुभ कार्य बिना मुहूर्त के संपन्न किए जा सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर मां लक्ष्मी की पूजा करने और सोने-चांदी की चीजों को खरीदने से सौभाग्य और सुक फलों की प्राप्ति होती है। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना, दान करना और पूजा-पाठ करने से सभी तरह के लाभ जातकों को मिलते हैं। अक्षय तृतीया पर मां गंगा और देवी अन्नपूर्णा का अवतरण त्रेता युग में इसी तिथि को हुआ था इसलिए अक्षय तृतीया पर मां अन्नपूर्णा और मां गंगा की भी विशेष पूजा होती है। इसके अलावा अक्षय तृतीया तिथि पर ही भगवान परशुराम का जन्म भी हुआ था।  अक्षय तृतीया पर महर्षि वेदव्यास ने महाभारत महाकाव्य की रचना की थी। अक्षय तृतीया के दिन ही उत्तराखंड में स्थिति बद्रीनाथ और केदारनाथ के पट खुलते हैं। अक्षय तृतीया पर गृह प्रवेश, विद्यारंभ, नए प्रतिष्ठान का शुभारंभ, नया कारोबार,जमीन, विवाह और वाहन आदि की खरीदारी करना शुभ होता है। अक्षय तृतीया पर गंगा स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। 

अक्षय तृतीया पर उपाय
धन की प्राप्ति के लिए अक्षय तृतीया पर अपने पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की विधि-विधान पूर्वक पूजा करें। साथ ही, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अक्षय तृतीया के दिन उन्हें कमल या गुलाब फूल अर्पित करें,एवं खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से जीवन में धन एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है।
 
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