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जज्बे को सलाम: छह साल पहले एनडीए ट्रेनिंग में घायल हुआ जतिन, अब सेना में बना लेफ्टिनेंट
Sun, 21 Nov 2021 10:24 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, सुंदरनगर (मंडी)
अमर उजाला ब्यूरो, सुंदरनगर (मंडी)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 21 Nov 2021 10:24 PM IST
सार
जतिन पंडित ने वर्ष 2013 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पहले ही बिना किसी कोचिंग से एनडीए की परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया था। इसके उपरांत जतिन बतौर फ्लाइंग ऑफिसर के लिए ट्रेनिंग के दौरान नेशनल डिफेंस अकेडमी खड़कवासला पुणे महाराष्ट्र में लगभग दो वर्ष की ट्रेनिंग में घुड़सवारी के दौरान चोटिल हो गए थे।
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लेफ्टिनेंट बनने के बाद माता-पिता के साथ जतिन पंडित।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
सुंदरनगर के जतिन पंडित के सेना में जाने के जज्बे को सलाम। वर्ष 2015 में अपनी एनडीए ट्रेनिंग में घुड़सवारी के दौरान हुई दुर्घटना में चोट ग्रस्त होने के कारण भले ही बाहर हो गया हो। लेकिन कड़ी मेहनत कर 2021 में भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन सपने को पूरा कर दिखाया है। मात्र 26 वर्ष की आयु में जतिन पंडित ने भारतीय सेना की टेक्निकल विंग में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार सहित जिला का नाम रोशन किया है।
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लेफ्टिनेंट जतिन पंडित ने हाल ही में जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज सुंदरनगर से बतौर सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी है। भारतीय सेना के टेक्निकल ग्रेड एंट्री परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर बेंगलुरु में एसएसबी परीक्षा को पास किया था। इसके बाद जतिन ने जनवरी 2021 को अपनी ट्रेनिंग शुरू की। अब जतिन ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी चेन्नई में आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद बतौर लेफ्टिनेंट भारतीय सेना की 11 मद्रास कॉर्प्स ऑफ इंजीनियरिंग रेजिमेंट में अपनी सेवाएं देश को देने जा रहे हैं।
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जतिन पंडित पासिंग आउट परेड के बाद 2 सप्ताह अपने रेजिमेंट के मुख्यालय बेंगलुरु में बिताने के उपरांत पंजाब के बठिंडा में सेवा देना शुरू करेंगे। पासिंग आउट परेड के इस गरिमा पूर्ण माहौल को और अधिक यादगार बनाने वाले इस पल में उनके पिता आयुष विभाग से सेवानिवृत्त बीएमओ डॉ. हेम प्रकाश शर्मा व माता सेवानिवृत्त अध्यापक प्रोमिला शर्मा और भाई सहायक प्रोफेसर डॉ. आशीष शर्मा और भाभी रिचा शर्मा के साथ नन्ही भतीजी अनाया शर्मा भी मौजूद रही। इधर, विधायक राकेश जम्वाल ने इस उपलब्धि के लिए जतिन पंडित और उसके अभिभावकों को बधाई दी है।
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2013 में बिना कोचिंग पास एनडीए परीक्षा की थी उत्तीर्ण
जतिन पंडित ने वर्ष 2013 में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पहले ही बिना किसी कोचिंग से एनडीए की परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया था। इसके उपरांत जतिन बतौर फ्लाइंग ऑफिसर के लिए ट्रेनिंग के दौरान नेशनल डिफेंस अकेडमी खड़कवासला पुणे महाराष्ट्र में लगभग दो वर्ष की ट्रेनिंग में घुड़सवारी के दौरान चोटिल हो गए थे। वहीं 6-7 माह उपचाराधीन रहने के बाद गंभीर चोट लगने के कारण ट्रेनिंग को बीच में ही छोड़ उन्हें घर वापस आना पड़ा। अपने लक्ष्य को पूरा न कर पाने से हतोत्साहित हुए बगैर जतिन पंडित ने अपने घर सुंदरनगर वापस आने के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर भारतीय सेना में जाने के अपने लक्ष्य को पूरा कर दिखाया है।