फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Ex Pradhan Panchayat Tihri making masks with Mahila Mandals in Kangra in Himachal Pradesh

सरिता ने 160 महिलाओं को साथ लेकर उठाया मास्क बनाने का बीड़ा

Mon, 13 Apr 2020 06:38 PM IST
अरविन्द ठाकुर विभू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, ज्वालामुखी (कांगड़ा)
विभू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, ज्वालामुखी (कांगड़ा) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 13 Apr 2020 06:38 PM IST
विज्ञापन
Ex Pradhan Panchayat Tihri making masks with Mahila Mandals in Kangra in Himachal Pradesh
- फोटो : अमर उजाला

उपमंडल ज्वालामुखी के चंगर क्षेत्र की टिहरी की पूर्व महिला प्रधान सरिता धीमान ने मास्क बनाने का बीड़ा उठाया है। इससे प्रेरणा लेकर करीब 160 महिलाएं अपने घरों में मास्क तैयार कर रही हैं। महिलाएं अपनी पंचायत को हर घर में मुफ्त मास्क बांट रही हैं। कोरोना वायरस की वजह से सभी जगह मास्क की कमी हो गई है। गरीबों, झोपड़ियों में रहने वालों और मजदूरों को मास्क नहीं मिल पा रहे हैं।

विज्ञापन


कुछ लोग पैसे की कमी की वजह से इसे खरीद ही नहीं पा रहे हैं। चंगर क्षेत्र होने के कारण यहां मेडिकल स्टोर भी नहीं हैं। इसको देखते कर्फ्यू के शुरू होते ही महिला प्रधान सरिता धीमान ने अपने घर पर ही सिलाई मशीन से मास्क तैयार करना शुरू किए और 50 मास्क अपने घरों के आसपास गरीबों और जरूरतमंदों को बांटे। इस कार्य को गति देने के लिए उन्होंने महिला मंडलों को इसमें जोड़ा और उन्हें मास्क बनाने की विधि समझाई।
विज्ञापन


उन्होंने महिला मंडलों के साथ मिलकर मास्क तैयार किए और अपने चंगर क्षेत्र की पंचायतों में वितरित करना शुरू किया। लोगों, प्रधानों और समाजसेवियों ने इनके इस कार्य को सराहा और उन्हें और मास्क तैयार करने को कहा। इसके बाद उन्होंने महिला मंडलों के साथ सात स्वयं सहायता समूह जोड़े और उन्हें भी मास्क बनाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आज लगभग 160 महिलाएं प्रधान के दिशा निर्देशों पर अपने-अपने घरों पर प्रतिदिन 200 मास्क तैयार कर जरूरतमंदों को वितरित कर रही हैं। वे अपने निजी खर्चे पर ही मास्क तैयार करवा रही हैं। पूर्व प्रधान सरिता धीमान ने कहा कि अब तक सैकड़ों मास्क बनाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए हैं। अभी तक करीब तीन हजार मास्क वितरित किए जा चुके हैं। कपड़ा आसानी से नहीं मिल पा रहा है।


कपड़ा मिल जाए तो रोजाना हजारों मास्क तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है। पूर्व प्रधान सरिता धीमान ने कहा कि कर्फ्यू के दौरान जब राशन की दुकान पर जाती थीं तो कोई भी मास्क नहीं लगाता था। इस दिन से ही उन्होंने घर पर मास्क बनाना शुरू किया और जब भी राशन लेने जातीं तब वहां मौजूद लोगों को मास्क बांट देतीं। धीरे-धीरे कारवां बढ़ता गया और अब यह एक मिशन बन गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed