सीएम कमलनाथ ने मनाली में अपने होटल में मनाया 73वां जन्मदिन
भारत सरकार में मंत्री रह चुके मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ ने अपना जन्मदिन बड़ाग्रां मनाली स्थित पांच सितारा होटल में सादगी और करीबियों के साथ मनाया। कमलनाथ के जन्मदिन पर हजारों की संख्या में उनके चाहने वाले दिल्ली में एक दिन पूर्व ही डेरा डालकर बधाई देने के लिए पहुंचते थे। इस बार उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री अपना पहला जन्मदिन मनाली में मनाया।
कमलनाथ के करीबी दोस्त और कांग्रेस नेता देवेंद्र नेगी ने कहा कि कमलनाथ ने अपना जन्मदिन मध्यप्रदेश से हजारों किलोमीटर दूर मनाली में बहुत सादगी से मनाया है। इसके पीछे यही मकसद और कमलनाथ की सोच है कि उनके चाहने वाले बेवजह दूर-दूर से सफर कर धन व समय की बर्बादी न करें।
जितना पैसा दूर-दूर से आने-जाने, केक, खानपान और गिफ्ट आदि में खर्च होता है, वह सब पैसा गरीब और बेसहारा लोगों की मदद में खर्च करें तो यह उनके लिए सबसे बड़ी खुशी होगी। नेगी ने कहा कि जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देने के लिए अब अनेक साधन मौजूद हैं। सोशल मीडिया विशेष सुविधा है। देवेंद्र नेगी ने कहा कि कमलनाथ का यह पारिवारिक टूर है।
वह अपनी व्यस्तता के चलते चंद दिन केवल आराम करना चाहते थे। कहा कि 1995 की बाढ़ में स्पेन सहित क्षेत्र में हर तरफ बहुत बड़ी क्षति हुई थी। भूमि कटान से कमलनाथ का निजी आवास भी क्षतिग्रस्त हुआ था। कहा कि दवाडा-मेहा सड़क, फोजल-धारा, डेफरीधार-शेगली, पर्यावरण संस्थान मौहल का भवन, हिडिंबा पार्क तथा कीरतपुर-मनाली फोरलेन सड़क कमलनाथ की देन है।
शांता ने फोन पर मध्यप्रदेश के सीएम को दी जन्मदिन की बधाई
वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को उनके जन्मदिवस पर फोन पर बधाई दी है। कमलनाथ इन दिनों मनाली में हैं। कमलनाथ को शांता कुमार की ओर से जन्मदिवस की बधाई देने का कारण भले ही उनका हिमाचल में आना हो, लेकिन इसके पीछे एक बहुत बड़ा हिमाचल हित भी छिपा है। बतौर केंद्रीय उद्योग मंत्री रहते कमलनाथ ने शांता कुमार की मदद की थी।
1991 में शांता कुमार हिमाचल के मुख्यमंत्री थे तो उस समय कमलनाथ केंद्र में उद्योग मंत्री थे। प्रदेश के लोगों को रोजगार मुहैया करवाने और राजस्व बढ़ाने को शांता कुमार ने दाड़लाघाट में सीमेंट उद्योग की मुहिम शुरू की थी। इसका स्थानीय नेताओं और विरोध दल कांग्रेस ने भारी विरोध किया था, जबकि केंद्र में भी सरकार कांग्रेस की थी।
विरोधी दलों और स्थानीय लोगों का विरोध देख शांता पीछे नहीं हटे थे। उन्होंने अधिकारियों से दाड़लाघाट सीमेंट उद्योग की फाइल तैयार करवाई थी। इसे केंद्र की कांग्रेस की सरकार से मंजूरी जरूरी थी। इसके बाद शांता कुमार कमलनाथ से मिले और उनके सामने बात रखी थी। लिहाजा, कमलनाथ ने शांता के प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने में मदद की थी। शांता ने कहा कि उन्होंने कमलनाथ को बधाई दी है। वह पालमपुर आने का आश्वासन भी दे गए हैं।
