एचपीयू: हजारों विद्यार्थियों को रोजगार के अवसरों की सूचना देगा सैल
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एचपीयू में नए सत्र से केंद्रीय करियर काउंसलिंग एंड प्लेसमेंट सैल हजारों छात्रों को निजी और सरकारी क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों की सूचना और कैंपस इंटरव्यू जैसी सुविधाएं देना शुरू कर देगा। जनवरी में विवि की वित्त समिति और कार्यकारी परिषद से सेंट्रल प्लेसमेंट सैल खोलने और इसे सशक्त बनाने को मंजूरी मिल चुकी है। विवि प्रशासन इसे प्रभारी ढंग से शुरू करने को लेकर कार्य योजना बना रहा है।
इस सैल के लिए दोनों निर्णायक संस्थाओं से अलग से स्टाफ रखने को पद सृजन और भर्ती के लिए भी हरी झंडी मिली है। सैल के मुखिया के रूप में विवि के वरिष्ठ प्रोफेसर को जिम्मेदारी दी जाएगी। सैल के अस्तित्व में आने पर विवि के प्रोफेशनल संस्थानों में चल रहे करियर गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सैल मर्ज हो जाएंगे। सैल के लिए विवि अलग से बजट प्रावधान भी करेगा। इसमें दो जूनियर ऑफिस असिस्टेंट, एक अधिकारी की भर्ती होनी है।
हर विभाग में करियर काउंसलिंग की छात्रों को मिलेगी सुविधा
यह सेंट्रल सैल विवि पीजी सेंटर में चल रहे 28 से अधिक विभागों, एमबीए, यूआईआईटी, यूसीबीएस, यूआईएलएस, विधि विभाग, एमटीए विभागों में पढ़ रहे छात्रों या पास आउट हो रहे छात्र की शैक्षणिक योग्यता सहित उपलब्ध रोजगार के अवसरों का डाटा रखने का कार्य करेगा।
समय समय पर विभाग स्तर पर छात्र छात्राओं के करियर काउंसलिंग और गाइडेंस को गतिविधियां आयोजित करने का कार्य करने के साथ निजी और सरकारी क्षेत्र की कंपनियों और उपक्रमों की डिमांड के मुताबिक कैंपस साक्षात्कार जैसी गतिविधियां आयोजित कर रोजगार पाने में सहयोग करेगा।
विवि में खोला गया था रोजगार कार्यालय
विवि में पहले पास आउट होने वाले विद्यार्थियों को पंजीकृत करने के लिए अलग रोजगार कार्यालय संचालित किया जाता था। उसके बाद यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल जैसे प्रोफेशनल कोर्स करवाने वाले संस्थानों के अपने प्लेसमेंट सैल अभी भी काम कर रहे है, मगर इनके पास संसाधनों की कमी के चलते छात्रों को इसका लाभ कम मिलता था।
वित्त समिति और ईसी से मंजूरी के बाद नए सत्र में विवि में सेंट्रल करियर गाइडेंस एंड प्लेसमेंट सैल खुलेगा। इसकी कार्ययोजना बना ली है। आवश्यक सृजित पदों पर चुनाव आचार संहित हटने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सैल से विवि में पढ़ने वाले 3,500 से अधिक अध्ययनरत और पास आउट छात्र छात्राओं को बेहतर सेवाएं मिलेगी। - डॉ. रणवीर वर्मा, विवि के जन संपर्क अधिकारी
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