41 साल की उम्र में तहसीलदार ने एलएलबी में किया टॉप
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मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। यह पंक्तियां हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के उपमंडल बड़सर के बंदोबस्त विभाग के तहसीलदार अनिल मनकोटिया पर फिट बैठती हैं। 41 वर्ष की उम्र में तहसीलदार के पद पर सेवारत अनिल मनकोटिया ने एलएलबी की परीक्षा में प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने वर्ष 2017 में प्रदेश विवि शिमला में एलएलबी में दाखिला लिया था। एलएलबी अंतिम सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम वीरवार को घोषित हुआ है, जिसमें उनका प्रथम स्थान है। उन्होंने इस उम्र में नौकरी के साथ पढ़ाई में अव्वल रहकर युवाओं के लिए मिसाल पेश की है। अनिल मनकोटिया ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सबसे पहले अपना करियर एक अध्यापक के रूप में शुरू किया।
इसके बाद वह आबकारी एवं कराधान विभाग में निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए। लेकिन उनकी आगे बढने की ललक ने उन्हें राजस्व विभाग में तहसीलदार के पद पर पहुंचा दिया। वह बड़सर से पूर्व वह हमीरपुर के नादौन में तहसीलदार रहे हैं। अनिल मनकोटिया की धर्मपत्नी मनोज ठाकुर राजकीय प्राथमिक पाठशाला हमीरपुर में अध्यापक के पद पर सेवारत हैं। बिलासपुर जिले के घुमारवीं तहसील के गांव रंडोह में माता स्नेह लता एवं पिता कर्म सिंह मनकोटिया के घर 14 अप्रैल 1979 को जन्मे अनिल मनकोटिया बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के हैं। पिता अध्यापक थे तो उन्होंने अपने तीनों बच्चों का लालन-पालन अनुशासन में रहकर किया। अनिल मनकोटिया नेहा मानव सेवा सोसाइटी के मुख्य सलाहकार राकेश मनकोटिया के छोटे भाई हैं। अनिल के बड़े भाई एक स्कूल प्रधानाचार्य के पद पर सेवारत हैं। छोटी बहन निशा भी अध्यापक है।