{"_id":"5e29ce898ebc3e842d273fca","slug":"farmer-s-son-becomes-doctor-in-lahaul-sought-deployment-in-his-own-area","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाहौल में किसान का बेटा बना चिकित्सक, अपने ही क्षेत्र में मांगी तैनाती","category":{"title":"Bashindey","title_hn":"बाशिंदे ","slug":"bashindey"}}
लाहौल में किसान का बेटा बना चिकित्सक, अपने ही क्षेत्र में मांगी तैनाती
Fri, 24 Jan 2020 11:18 AM IST
Krishan Singh
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
दिनेश जस्पा, अमर उजाला, उदयपुर (लाहौल-स्पीति)
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 24 Jan 2020 11:18 AM IST
विज्ञापन
गौरव राणा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुर्गम जिले लाहौल में किसान का बेटा चिकित्सक बना है। कामरिंग गांव के गौरव राणा ने विपरीत परिस्थितियों में यह मकाम हासिल किया है। पंचायत से सरकारी स्कूल में पढ़कर चिकित्सक बनने वाले पहले मेधावी हैं। 23 साल के गौरव ने नियुक्ति भी पीएचसी जाहलमा में मांगी और इन्हें यहां तैनाती दे दी गई है। गौरव ने जाहलमा से ही जमा एक और दो की पढ़ाई की।
विज्ञापन
डॉ. राणा ने प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक पाठशाला कमरिंग में की। उसके उपरांत छठी से दसवीं तक राजकीय हाई स्कूल मूरिंग के बाद मेडिकल में जमा एक और दो की पढ़ाई राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाहलमा से की। 22 जनवरी को प्रदेश सरकार की ओर से 200 डॉक्टरों की नियुक्ति में गौरव राणा का नाम भी शामिल है। डॉ. राणा की माता सुनीता राणा गृहिणी और पिता बीरबल राणा किसान हैं।
विज्ञापन
गौरव राणा के दादा वीर सिंह राणा पोते को चिकित्सक बनने का सपना देखते थे। पोते की उपलब्धि से वे खासे उत्साहित हैं। कृषि मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने डॉ. गौरव राणा को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. राणा ने लाहौल के अपने ही क्षेत्र के पीएचसी जाहलमा में तैनाती मांगी है। दुर्गम जिले में लोग स्वास्थ्य सुविधाओं तरसते हैं। यही कारण है कि डॉ. राणा यहीं सेवाएं देना चाहते हैं।
विज्ञापन
लाहौल को मिले चार चिकित्सक
हिमाचल सरकार ने बुधवार को 200 नए मेडिकल अधिकारियों को तैनाती दी है। जिसमें जनजातीय क्षेत्र लाहौल को भी चार चिकित्सक मिले हैं। सरकार ने डॉ. श्रुति शर्मा को पीएचसी फूड़ा, डॉ. शुभम शर्मा को आरएच केलांग, डॉ. गौरव राणा को पीएचसी जाहलमा और डॉ. उर्वशी राणा को सीएचसी शांशा में पहली नियुक्ति दी है।