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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   18 people walk 138 kilometer on snow from Zanskar to Keylong Lahaul Himachal Pradesh

जज्बे को सलाम, बच्चों को पढ़ाने की खातिर पांच दिन बर्फ पर 138 किमी पैदल चले अभिभावक

Wed, 17 Apr 2019 03:50 PM IST
अरविन्द ठाकुर अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति)
अशोक राणा, अमर उजाला, केलांग (लाहौल-स्पीति) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 17 Apr 2019 03:50 PM IST
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18 people walk 138 kilometer on snow from Zanskar to Keylong Lahaul Himachal Pradesh
- फोटो : अमर उजाला

कहते हैं जुनून और हिम्मत के आगे नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। जम्मू कश्मीर के कारगिल जिले के जंस्कर के कुछ बच्चों ने इस कहावत को सच साबित कर दिखाया। बच्चों को अच्छी तालीम देने की उम्मीद पाले जंस्कर के कुछ अभिभावक अपने बच्चों को लेकर छह दिन तक बर्फ में पैदल चलकर हिमाचल के केलांग पहुंचे। इन 18 लोगों ने पांच दिन में बर्फ पर 138 किमी सफर किया।

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खास यह है कि इन लोगों ने हिमाचल को जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाले बर्फ से लकदक समुद्रतल से 15 हजार फीट ऊंचे शिंकुला दर्रा पार किया। शिंकुला के पास अभी भी 20 फीट तक बर्फ है। 18 लोगों के इस दल में 66 वर्षीय बुजुर्ग के साथ छह साल के बच्चे भी शामिल हैं। यह लोग 12 अप्रैल को जंस्कर से लाहौल रवाना हुए और 16 अप्रैल को केलांग पहुंचे। इन पांच दिनों तक ये लोग काली चाय के साथ सत्तू घोलकर अपनी भूख मिटाते रहे। 
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रास्ते में शून्य तापमान के बीच इन लोगों ने दो रातें गुफा में गुजारीं। 41 साल के तेंजिन फुंचोग ने बताया कि बच्चों ने हिमाचल के मनाली और धर्मशाला के स्कूलों में अच्छी तालीम के लिए प्रवेश लेना है। लिहाजा, अभिभावक और बच्चे पैदल ही लाहौल को निकल पड़े। बताया कि दिन के समय बर्फ नरम हो जाने से चलने में दिक्कत होने लगी। इसलिए सुबह तीन बजे ही मंजिल की तरफ निकल पड़ते।

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18 people walk 138 kilometer on snow from Zanskar to Keylong Lahaul Himachal Pradesh

66 साल के सोनम अंगदुई ने बताया कि सुबह तीन बजे से 12 बजे तक बर्फ पर चलने के बाद वह आराम करते। 28 साल के लोबजंग ने बताया कि पहले दिन वह लोग ईचर से 40 किमी दूर टेस्ता तक चले। दूसरे दिन टेस्ता से 20 किमी दूर करग्या और तीसरे दिन 18 किमी दूर लरखांग पहुंचे। 

चौथे दिन 15 हजार फीट ऊंचे शिंकुला दर्रे को पार कर 25 किमी दूर हिमाचल की सरहद रामचाग पहुंचे। पांचवें दिन रामचाग से जंस्कर-समदो तक 20 किमी का सफर पूरा किया। छठे दिन 15 किमी चलकर समदो से दारचा पहुंचे। इनमें 8 स्कूली बच्चे और 10 अभिभावक शामिल हैं। यह लोग जंस्कर के तेता, मर्लिंग, ईचार, डांगड़ो, गुर, करग्या और यंगसो गांव के रहने वाले हैं।  

रोहतांग सुरंग से मनाली पहुंचाने के लिए प्रबंधन से बात
एसडीएम केलांग अमर नेगी ने इन लोगों को रोहतांग टनल होकर मनाली पहुंचाने के लिए टनल प्रबंधन से बात की है। नेगी ने बताया कि केलांग के पूर्व प्रधान की अगुवाई में जंस्कर के लोग उनसे मिले। 4 साल की तंजिन, 13 साल की तंजिन अंगमो, 12 साल की छोडचो, 15 साल की तंजिन यनजोर, 13 साल की तंजिन रिंचेन्न, 13 की लक्पा, सात साल का तंजिन पलमो, छह साल का तंजिन कलजंग और छह साल का तंजिन खेलड़ंग शामिल हैं।

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