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100 बिजली प्रोजेक्टों की बाधा दूर करेगा केंद्र
Shimla
Updated Fri, 05 Sep 2014 05:31 AM IST
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शिमला। हिमाचल के 100 से अधिक 3000 हजार मेगावाट के पावर प्रोजेक्टों को लगाने की बाधा दूर होगी। वन, पर्यावरण और भूमि अधिग्रहण के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिल पाने के कारण ये चार साल से केंद्र में लटके हुए हैं। देश में बिजली संकट चल रहा है। इस पर केंद्र ने हिमाचल को प्रोजेक्टों के अड़ंगे दूर करने का भरोसा दिलाया है।
इन प्रोजेक्टों से लगभग तीन हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो सकता है। प्रदेश में अभी साढ़े नौ हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। तकरीबन चार हजार मेगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा तीन हजार मेगावाट की ऐसी परियोजनाएं हैं, जिसे प्रदेश सरकार ने आवंटित तो कर दिया है लेकिन उनकी वन, पर्यावरण संहित अन्य महकमों से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इससे हिमाचल देश के लिए जो बिजली का उत्पादन कर सकता था, वह नहीं कर पा रहा है। इसको ध्यान में रखकर केंद्र ने हिमाचल को भरोसा दिलाया है कि हिमाचल की परियोजनाओं को लेकर जो अड़ंगे लटकाए गए हैं। उसे दूर किया जाएगा।
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राजनीतिक कारण भी
प्रदेश और केंद्र में पिछले कई सालों से अलग-अलग पार्टी की सरकारें रही हैं। इससे तालमेल बन पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। पहली बार प्रदेश के सांसदों ने खुद पहल की है। इससे उम्मीद जगी है।
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केंद्र ने एक निश्चित समय सीमा में पावर प्रोजेक्टों की अड़चनों को दूर करने का भरोसा दिलाया है। इसमें कितनी तेजी आती है। यह देखने वाली बात होगी।
एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव, ऊर्जा
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इन प्रोजेक्टों से लगभग तीन हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो सकता है। प्रदेश में अभी साढ़े नौ हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। तकरीबन चार हजार मेगावाट की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा तीन हजार मेगावाट की ऐसी परियोजनाएं हैं, जिसे प्रदेश सरकार ने आवंटित तो कर दिया है लेकिन उनकी वन, पर्यावरण संहित अन्य महकमों से स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इससे हिमाचल देश के लिए जो बिजली का उत्पादन कर सकता था, वह नहीं कर पा रहा है। इसको ध्यान में रखकर केंद्र ने हिमाचल को भरोसा दिलाया है कि हिमाचल की परियोजनाओं को लेकर जो अड़ंगे लटकाए गए हैं। उसे दूर किया जाएगा।
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राजनीतिक कारण भी
प्रदेश और केंद्र में पिछले कई सालों से अलग-अलग पार्टी की सरकारें रही हैं। इससे तालमेल बन पाना बेहद मुश्किल हो रहा था। पहली बार प्रदेश के सांसदों ने खुद पहल की है। इससे उम्मीद जगी है।
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केंद्र ने एक निश्चित समय सीमा में पावर प्रोजेक्टों की अड़चनों को दूर करने का भरोसा दिलाया है। इसमें कितनी तेजी आती है। यह देखने वाली बात होगी।
एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव, ऊर्जा