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मजदूरों की मांगों पर तैयार होगा एजेंडा

Thu, 21 Aug 2014 05:30 AM IST
Shimla
Shimla Updated Thu, 21 Aug 2014 05:30 AM IST
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शिमला। राजधानी शिमला में आयोजित इंटक की राष्ट्र स्तर बैठक में मजदूरों से संबंधित मांगों पर विचार-विमर्श कर एजेंडा तैयार किया गया। बुधवार को आयोजित इस मीटिंग की अध्यक्षता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महामंत्री जनार्दन द्विवेदी और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। इसमें प्रदेश मंत्रिमंडल सदस्यों के अलावा बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों ने भाग लिया। देशभर से करीब 500 इंटक पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। यह बैठक वीरवार को भी जारी रहेगी।
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इंटक के प्रदेशाध्यक्ष बावा हरदीप सिंह ने मुख्य अतिथि के समक्ष हिमाचल इंटक का इतिहास रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंटक लगातार आगे बढ़ रही है। वर्तमान में इंटक ने प्रदेश में 15 यूनियन बनाकर इंटक को और मजबूत करने की कोशिश की है। इसमें आशा वर्कर यूनियन, सिलाई कढ़ाई यूनियन, आंगनबाड़ी यूनियन, पंचायत चौकीदार, सर्व कर्मचारी, टूरिज्म, खेत किसान यूनियन, कंप्यूटर शिक्षक यूनियन, मिड डे मील और तीन टैक्सी यूनियन बनाकर इंटक को मजबूत किया है।
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इंटक ने यूनियन की मांगों को पूरा करने के लिए सरकार पर भी दबाव बनाया है। आशा वर्कर को पुन: नौकरी दी जा रही है, जबकि सिलाई कढ़ाई महिलाओं के वेतन में 400 रुपये की बढ़ोतरी की है। इसी तरह हर यूनियन की मांगों पर इंटक ने सरकार पर दबाव बनाया है।
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हर राज्य के अध्यक्ष रखेंगे अपना एजेंडा
बैठक में हर राज्य के इंटक अध्यक्ष अपने अपने राज्य के मजदूरों से संबंधित प्रस्ताव बैठक में रखकर उस पर चर्चा करेंगे। उसके बाद एक समान नीति तैयार कर एजेंडा तैयार होगा और इसे लागू करने के लिए सरकार के समझ रखा जाना है।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- मजदूरों की दिहाड़ी में वृद्धि
- न्यूनतम वेतन कम से कम 10,000 हो
- श्रम कानून में प्रस्तावित संशोधन
- कारखाना अधिनियमों में बदलाव
- ठेकेदार प्रथा खत्म किया जाना
- मजदूरों को समान वेतन दिया जाना
- 45 दिन की अवधि के भीतर मजदूर संघ का अनिवार्य पंजीकरण किया जाना
- मूल्य वृद्धि रोकने के लिए ठोस कदम
- कारखानों में 70 फीसदी मजदूरों को नौकरी आदि।
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