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हिमाचल में कहां बने एम्स, तय करे कमेटी
Shimla
Updated Tue, 29 Jul 2014 05:31 AM IST
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शिमला। सूबे में आल इंडिया इंस्टीट्यूट (एम्स) टांडा या मंडी में खोलने को लेकर उठे विवाद के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजा है। इसमें आग्रह किया गया है कि एम्स कहां बने, इसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक्सपर्ट कमेटी तय करे।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहले ही टांडा में एम्स बनाने के लिए प्रस्ताव भेज चुके हैं। उनके प्रस्ताव को परिवहन मंत्री जीएस बाली भी समर्थन कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर मंडी के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने की बात कहते रहे हैं। इसको लेकर विवाद खड़ा हो चुका हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के बेटे वीर विक्रमादित्य भी समर्थन कर चुके हैं। कौल सिंह ठाकुर का तर्क है कि मंडी प्रदेश का सेंट्रल प्लेस है। यहां पर 700 करोड़ की लागत से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है, जिसे संचालित करने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय तैयार नहीं है। इसी को मजबूत आधार बनाकर कौल सिंह ठाकुर मंडी में एम्स बनाने की बात कर रहे हैं। जुलाई में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि मंत्रालय की एक्सपर्ट टीम हिमाचल आकर देखे कि कहां पर एम्स बन सकता है। कमेटी जो संस्तुति करेगी, वहीं पर एम्स बनने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
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मंत्रालय से अनुरोध किया है कि एक्सपर्ट टीम से जांच कराएं कि कहां पर एम्स बेहतर होगा। टांडा और मंडी की स्थितियां देखने के बाद कमेटी खुद तय करें। उसी कमेटी की संस्तुति के आधार पर मंत्रालय हिमाचल प्रदेश को हर हाल में एम्स आवंटित करें। - कौल सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हिमाचल प्रदेश
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पहले ही टांडा में एम्स बनाने के लिए प्रस्ताव भेज चुके हैं। उनके प्रस्ताव को परिवहन मंत्री जीएस बाली भी समर्थन कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर मंडी के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज को एम्स बनाने की बात कहते रहे हैं। इसको लेकर विवाद खड़ा हो चुका हैं। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री के बेटे वीर विक्रमादित्य भी समर्थन कर चुके हैं। कौल सिंह ठाकुर का तर्क है कि मंडी प्रदेश का सेंट्रल प्लेस है। यहां पर 700 करोड़ की लागत से ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो चुका है, जिसे संचालित करने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय तैयार नहीं है। इसी को मजबूत आधार बनाकर कौल सिंह ठाकुर मंडी में एम्स बनाने की बात कर रहे हैं। जुलाई में उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र भेजा है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि मंत्रालय की एक्सपर्ट टीम हिमाचल आकर देखे कि कहां पर एम्स बन सकता है। कमेटी जो संस्तुति करेगी, वहीं पर एम्स बनने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
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मंत्रालय से अनुरोध किया है कि एक्सपर्ट टीम से जांच कराएं कि कहां पर एम्स बेहतर होगा। टांडा और मंडी की स्थितियां देखने के बाद कमेटी खुद तय करें। उसी कमेटी की संस्तुति के आधार पर मंत्रालय हिमाचल प्रदेश को हर हाल में एम्स आवंटित करें। - कौल सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री हिमाचल प्रदेश
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