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17500 हेक्टेयर भूमि पर होगा पौधरोपण

Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
Shimla
Shimla Updated Mon, 21 Jul 2014 05:30 AM IST
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शिमला। जंगलात महकमे ने इस साल हिमाचल प्रदेश में 17500 हेक्टेयर भूमि पर पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से 25 फीसदी जंगली फलदार पौधे लगाए जाएंगे। हाई कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के तीन हजार स्कूल के जरिये 5.50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए तीन करोड़ रुपये का बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें 45 लाख औषधीय पौधे रोपे जाएंगे। रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी वन एवं पर्यावरण मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने दी।
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भरमौरी ने बताया कि 24 जुलाई को सोलन के डुमैर पंचायत के क्वार गांव से वन महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह करेंगे। इस साल दस हजार हेक्टेयर से लैंटाना उन्मूलन किया जाएगा। इससे प्रदेश के लाखों भेड़, बकरी और अन्य पशुपालकों के परिवारों को राहत मिलेगी। उन्हें चारा का मैदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए 16 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। जापान के सहयोग से सितंबर में चंबा और कांगड़ा जिले में 310 करोड़ से नई परियोजना की शुरुआत की जा रही है। इन दोनों जिलों में चीड़ की जगह बान और चौड़ी पत्ती के पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही तीन साल के प्रशिक्षण के लिए भी 25 करोड़ की रकम मिल रही है।
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बंदरों की शुरू होगी गिनती
वन एवं पर्यावरण मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने बताया कि जल्द ही प्रदेश में बंदरों की गिनती नए सिरे से की जाएगी, जिससे यह अंदाजा मिल सके कि प्रदेश में बंदरों की नसबंदी करने से कितना लाभ हो रहा है। उनकी संख्या में कितनी कमी दर्ज की गई है। अभी तक प्रदेश में बंदरों के सात नसबंदी केंद्र चला जा रहे हैं, जिसकी संख्या बढ़ाकर 10 की जाएगी।
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