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लाइन लॉस कम नहीं हुआ तो एसीआर में रेड एंट्री
Shimla
Updated Tue, 03 Jun 2014 05:32 AM IST
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में 31 मार्च तक विद्युत लाइन लॉस एक प्रतिशत कम करना है। ऐसा न करने की स्थिति में संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता से लेकर अधीक्षण अभियंता तक के अफसरों की एसीआर में रेड एंट्री कर दी जाएगी। ऐसी स्थिति में उनका प्रमोशन भी बाधित होना तय है। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने विद्युत बोर्ड प्रबंधन को निर्देश दिया है।
सूबे में अभी लाइन लॉस लगभग 14 प्रतिशत है। 31 मार्च 2015 तक इस लाइन लॉस को कम करके 13 प्रतिशत करने का टारगेट हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को दिया है। प्रत्येक क्षेत्र के अवर, सहायक, अधिशासी और अधीक्षण अभियंताओं को अलग-अलग टारगेट दिया गया है, जिससे प्रदेश में लाइन लॉस को कम किया जा सके। एक प्रतिशत लाइन लॉस कम करने की स्थिति में लाखों रुपये की बिजली की बचत होगी, जिससे सीधे तौर पर प्रदेश को लाभ होगा। हालांकि, देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले हिमाचल प्रदेश में लाइन लॉस काफी कम है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से लाइन लॉस पर फोकस किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा की बचत की जा सके। ऐसा न करने वाले अभियंताओं के एसीआर में एंट्री करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस कदम से विद्युत बोर्ड के 300 से अधिक अभियंताओं पर सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
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आयोग का लक्ष्य 12 प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से मार्च 2015 तक लाइन लॉस 12 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य दिया है। हालांकि, इस लक्ष्य को पाना राज्य विद्युत बोर्ड के लिए आसान नहीं होगा।
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राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक को स्पष्ट किया गया है कि प्रबंधन की ओर से चालू वित्तीय वर्ष के दौरान एक प्रतिशत लाइन लॉस कम करें। इस मामले में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। जिस क्षेत्र के अभियंता अपने टारगेट को प्राप्त नहीं करते, उनकी एसीआर में रेड एंट्री की जाए। साथ ही प्रमोशन भी रोक दिया जाए। - एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा
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सूबे में अभी लाइन लॉस लगभग 14 प्रतिशत है। 31 मार्च 2015 तक इस लाइन लॉस को कम करके 13 प्रतिशत करने का टारगेट हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड को दिया है। प्रत्येक क्षेत्र के अवर, सहायक, अधिशासी और अधीक्षण अभियंताओं को अलग-अलग टारगेट दिया गया है, जिससे प्रदेश में लाइन लॉस को कम किया जा सके। एक प्रतिशत लाइन लॉस कम करने की स्थिति में लाखों रुपये की बिजली की बचत होगी, जिससे सीधे तौर पर प्रदेश को लाभ होगा। हालांकि, देश के दूसरे राज्यों के मुकाबले हिमाचल प्रदेश में लाइन लॉस काफी कम है। इसके बावजूद प्रदेश सरकार की ओर से लाइन लॉस पर फोकस किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा की बचत की जा सके। ऐसा न करने वाले अभियंताओं के एसीआर में एंट्री करने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस कदम से विद्युत बोर्ड के 300 से अधिक अभियंताओं पर सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
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आयोग का लक्ष्य 12 प्रतिशत
हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग की ओर से मार्च 2015 तक लाइन लॉस 12 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य दिया है। हालांकि, इस लक्ष्य को पाना राज्य विद्युत बोर्ड के लिए आसान नहीं होगा।
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राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक को स्पष्ट किया गया है कि प्रबंधन की ओर से चालू वित्तीय वर्ष के दौरान एक प्रतिशत लाइन लॉस कम करें। इस मामले में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। जिस क्षेत्र के अभियंता अपने टारगेट को प्राप्त नहीं करते, उनकी एसीआर में रेड एंट्री की जाए। साथ ही प्रमोशन भी रोक दिया जाए। - एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा