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एक हजार मेगावाट के बिजली प्रोजेक्ट बनेंगे
Shimla
Updated Thu, 22 May 2014 05:33 AM IST
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शिमला। लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में लगभग एक हजार मेगावाट की जल विद्युत परियोजनाएं बनाने की कवायद शुरू हो गई है। इन्हें सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियों को आवंटित किया जाएगा। सभी परियोजनाएं पांच मेगावाट से ऊपर की होंगी। इन्हें सतलुज नदी पर बनाने की बात की जा रही है। आवंटन प्रक्रिया टेंडर से होगी। ऊर्जा निदेशालय ने प्रदेश की सतलुज नदी पर सर्वे किया था। इसमें एक हजार मेगावाट की पनबिजली परियोजनाएं बनाने की संभावना जताई गई थी। इसे आधार बनाकर सतलुज पर एक हजार पनबिजली परियोजना बनाने की एक्सरसाइज शुरू हो गई है। इसको लेकर जून में टेंडर होंगे। इसमें सरकारी से लेकर गैर सरकारी एजेंसियों को आवंटन किया जाएगा। इसको लेकर ऊर्जा निदेशालय से लेकर सरकार स्तर तक पर होमवर्क चल रहा है। सरकार का फोकस है कि प्रदेश में अधिक से अधिक पन बिजली परियोजनाएं बनाकर हिमाचल को आर्थिक तौर पर मजबूत किया जा सके। हिमाचल से निकलने वाली ज्यादातर नदियां पंजाब से होते हुए पाकिस्तान जाती हैं। ऐसे में इस स्रोत का भरपूर दोहन करने की बात की जा रही है।
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ऊर्जा निदेशालय एक हजार मेगावाट की परियोजनाएं बनाने को माह टेंडर करेगा। इसको लेकर अभी कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। - एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा
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50 छोटे प्रोजेक्टों पर भी काम
हिम ऊर्जा की ओर से पांच मेगावाट से कम की पनबिजली परियोजनाएं बनाने पर काम चल रहा है। इसके लिए फरवरी के आखिर में टेंडर किया जा चुका है। आदर्श आचार संहिता खत्म हो गई है। अब इस दिशा में टेंडर खोलने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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विदेशी बैंकों से ऋण भी
प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से शिमला, कुल्लू, मंडी सहित कई जिलों में जल विद्युत परियोजनाएं बनाई जानी हैं। इनके लिए विदेशी बैंकों से ऋण लेने को लगातार प्रयास किया जा रहा है। ये परियोजनाएं पहले से ही सरकार की ओर से आवंटित की जा चुकी हैं।
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ऊर्जा निदेशालय एक हजार मेगावाट की परियोजनाएं बनाने को माह टेंडर करेगा। इसको लेकर अभी कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। - एसकेबीएस नेगी, प्रधान सचिव ऊर्जा
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50 छोटे प्रोजेक्टों पर भी काम
हिम ऊर्जा की ओर से पांच मेगावाट से कम की पनबिजली परियोजनाएं बनाने पर काम चल रहा है। इसके लिए फरवरी के आखिर में टेंडर किया जा चुका है। आदर्श आचार संहिता खत्म हो गई है। अब इस दिशा में टेंडर खोलने से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
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विदेशी बैंकों से ऋण भी
प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से शिमला, कुल्लू, मंडी सहित कई जिलों में जल विद्युत परियोजनाएं बनाई जानी हैं। इनके लिए विदेशी बैंकों से ऋण लेने को लगातार प्रयास किया जा रहा है। ये परियोजनाएं पहले से ही सरकार की ओर से आवंटित की जा चुकी हैं।
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