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आईजीएमसी में थायराइड, शुगर टेस्ट ठप

Sat, 29 Mar 2014 05:33 AM IST
Shimla
Shimla Updated Sat, 29 Mar 2014 05:33 AM IST
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शिमला। आईजीएमसी में हार्ट, मधुमेह, गुर्दे, रक्त चाप और हड्डियों से संबंधित टेस्ट नहीं हो रहे हैं। लैब में टेस्ट किट्स खत्म होने के कारण दिक्कत आई है। विभाग की ओर से अस्पताल प्रबंधन को टेस्ट किट्स की डिमांड भेज दी गई लेकिन टेस्ट किट उपलब्ध न होने से थायरड, एचबीएवनसी और सीआरपी बंद हो चुके हैं। आर्थिक तौर पर मजबूत मरीज निजी लैबों में टेस्ट करवा रहे हैं लेकिन गरीब मरीजों के पास इंतजार करने के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है। बिना टेस्ट रिपोर्ट देखे डाक्टर भी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी कोई परामर्श नहीं दे पा रहे हैं।
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यह है सीआरपी टेस्ट
सीआरपी टेस्ट को आर्थो और कार्डियालॉजी के मरीजों को लिखा जाता है। सी. रिएक्टिव प्रोटीन सी टेस्ट हृदय रोग का पता लगाने के लिए किया जाता है। टेस्ट रिपोर्ट में मरीज के स्वास्थ्य के बारे में आसानी से पता चल जाता है। इसके बाद ही चिकित्सक मरीज का अगले चरण का इलाज शुरू करता है। सीआरपीसी टेस्ट फीस 275 है।
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थायराइड और एबीएवनसी टेस्ट भी बंद
थायराइड स्टीम्यूलेटिंग हार्मोन ब्लड टेस्ट का प्रयोग थायराइड ग्रंथी से जुड़ी समस्याओं का पता लगाने के लिए किया जाता है। आईजीएमसी में इसकी टेस्ट फीस 300 रुपये है। इसी तरह एबीएवनसी टेस्ट शुगर के लिए किया जाता है। इसकी फीस यहां 200 रुपये है।
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तकनीशियन की छवि खराब करने की कोशिश : मेहता
आईजीएमसी तकनीशियन संघ के अध्यक्ष हरिंद्र मेहता ने कहा कि अस्पताल प्रशासन तकनीशियन की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। टेस्ट बंद होने से मरीजों को निजी लैबों में पांच पांच सौ रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। टेस्ट किट की डिमांड प्रशासन को समय पर दी गई लेकिन प्रबंधन लैब को आउट सोर्स करने के मकसद से इस तरह के पैंतरे खेल रहा है।
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क्यों नहीं मंगवाई जा रही टेस्ट किट्स : जोगटा
अस्पताल कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एसएस जोगटा ने कहा कि लैब को आउटसोर्स करने की तैयारी है। प्रबंधन जानबूझ कर टेस्ट किट्स नहीं मंगवा रहा है। इसमें गरीब मरीज पिस रहे हैं। जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर आईजीएमसी में मरीजों के साथ चल रहे कथित खेल के बारे में तथ्यों के साथ जानकारी दी जाएगी।

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आईजीएमसी के प्रिंसिपल प्रोफेसर एसएस कौशल ने कहा कि ये टेस्ट नहीं हो रहे हैं यह मामला फिलहाल उनके ध्यान में नहीं है । अमर उजाला के माध्यम से ही पता चला है। शनिवार को इस बारे में संबंधित अधिकारी से पूछकर ही कुछ बता पाऐंगे।
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