{"_id":"132-50389","slug":"Shimla-50389-132","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल में चुनावी महाभारत के बने दो कुरुक्षेत्र ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल में चुनावी महाभारत के बने दो कुरुक्षेत्र
Shimla
Updated Sat, 22 Mar 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिमला। हिमाचल में दो लोकसभा सीटें प्रदेश के दो राजनीतिक परिवारों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गई हैं। मंडी सीट पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह चुनाव लड़ रही हैं, तो हमीरपुर से पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल के पुत्र अनुराग ठाकुर। हमीरपुर में कांग्रेस ने रणनीतिक चाल चलते हुए पहले भाजपा में रहे राजेंद्र राणा पर दांव खेल सबको चौंका दिया है। भाजपा इसकी काट मंडी में खोज रही है। यही वजह है कि भाजपा अब तक मंडी सीट पर अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। भाजपा चाहती है कि मंडी सीट पर ऐसा प्रत्याशी उतारे जो मोदी लहर के सहारे राज परिवार को कड़ी चुनौती दे।
हमीरपुर भाजपा की परंपरागत सीट रही है। यहां 1996 के बाद पार्टी कोई चुनाव नहीं हारी। भाजपा ने इस बार भी मौजूदा सांसद अनुराग ठाकुर को यहां से उतारा है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने पहले भाजपा में रहे और सवा साल के पूर्व निर्दलीय विधायक राजेंद्र राणा पर दांव खेला। राणा हमीरपुर से हैं और राजपूत हैं। भाजपा के चुनावी तरीकों से वाकिफ हैं। रणनीति यह है कि हमीरपुर में मत विभाजन कर ऊना और बिलासपुर में बढ़त बनाई जाए। अब ऐसे वक्त में जब भाजपा पूरे देश में नरेंद्र मोदी की लहर देख रही है, धूमल बेटे की जीत सुनिश्चित करने के लिए खुद मैदान में उतर गए हैं।
मंडी सीट पर स्थितियां इसके विपरीत हैं। यहां से 2013 में उपचुनाव मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह जीती थीं। वे दोबारा प्रत्याशी हैं। बीजेपी छोड़ हिलोपा बनाने वाले महेश्वर सिंह को भाजपा मंडी से मौका देने का प्रयास कर चुकी है। वह इस सीट पर इससे पहले तीन चुनाव जीते भी हैं, लेकिन भाजपा में वापसी को तैयार नहीं। भाजपा ने अजय राणा, गोविंद ठाकुर, रामस्वरूप शर्मा और कारगिल के हीरो रहे ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर के नाम दिल्ली भेजे हैं। इन पर भी अब तक फैसला नहीं हो पाया है। इस सीट पर पत्नी की जीत के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। पिछले छह महीने में उन्होंने इस चुनाव क्षेत्र के तहत आने वाले ट्राइबल एरिया में तीन से चार दौरे किए हैं।
विज्ञापन
इनसेट
इन सीटों पर पिछले चुनाव नतीजे
हमीरपुर
वर्ष 2009 में भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने 373598 वोट लेकर कांग्रेस के नरेंद्र ठाकुर को 72732 वोट से हराया। इस सीट के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा के पास 10 और कांग्रेस के 7 विधायक हैं। 2004 में चुनाव जीते सुरेश चंदेल के ऑपरेशन दुर्योधन के कारण हटने के बाद खुद धूमल 2007 में यहां उपचुनाव जीते थे।
मंडी
वर्ष 2009 में कांग्रेस प्रत्याशी वीरभद्र सिंह ने 13997 वोट से भाजपा के महेश्वर सिंह को हराया। 2012 में वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2013 में उपचुनाव हुए। इसमें उनकी धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह ने 1.36 लाख के अंतर से भाजपा के जयराम ठाकुर को हराया। इस सीट पर कांग्रेस के 11, भाजपा के 5 और हिलोपा का 1 विधायक है।
विज्ञापन
हमीरपुर भाजपा की परंपरागत सीट रही है। यहां 1996 के बाद पार्टी कोई चुनाव नहीं हारी। भाजपा ने इस बार भी मौजूदा सांसद अनुराग ठाकुर को यहां से उतारा है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने पहले भाजपा में रहे और सवा साल के पूर्व निर्दलीय विधायक राजेंद्र राणा पर दांव खेला। राणा हमीरपुर से हैं और राजपूत हैं। भाजपा के चुनावी तरीकों से वाकिफ हैं। रणनीति यह है कि हमीरपुर में मत विभाजन कर ऊना और बिलासपुर में बढ़त बनाई जाए। अब ऐसे वक्त में जब भाजपा पूरे देश में नरेंद्र मोदी की लहर देख रही है, धूमल बेटे की जीत सुनिश्चित करने के लिए खुद मैदान में उतर गए हैं।
विज्ञापन
मंडी सीट पर स्थितियां इसके विपरीत हैं। यहां से 2013 में उपचुनाव मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह जीती थीं। वे दोबारा प्रत्याशी हैं। बीजेपी छोड़ हिलोपा बनाने वाले महेश्वर सिंह को भाजपा मंडी से मौका देने का प्रयास कर चुकी है। वह इस सीट पर इससे पहले तीन चुनाव जीते भी हैं, लेकिन भाजपा में वापसी को तैयार नहीं। भाजपा ने अजय राणा, गोविंद ठाकुर, रामस्वरूप शर्मा और कारगिल के हीरो रहे ब्रिगेडियर खुशहाल ठाकुर के नाम दिल्ली भेजे हैं। इन पर भी अब तक फैसला नहीं हो पाया है। इस सीट पर पत्नी की जीत के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। पिछले छह महीने में उन्होंने इस चुनाव क्षेत्र के तहत आने वाले ट्राइबल एरिया में तीन से चार दौरे किए हैं।
विज्ञापन
इनसेट
इन सीटों पर पिछले चुनाव नतीजे
हमीरपुर
वर्ष 2009 में भाजपा प्रत्याशी अनुराग ठाकुर ने 373598 वोट लेकर कांग्रेस के नरेंद्र ठाकुर को 72732 वोट से हराया। इस सीट के 17 विधानसभा क्षेत्रों में से भाजपा के पास 10 और कांग्रेस के 7 विधायक हैं। 2004 में चुनाव जीते सुरेश चंदेल के ऑपरेशन दुर्योधन के कारण हटने के बाद खुद धूमल 2007 में यहां उपचुनाव जीते थे।
मंडी
वर्ष 2009 में कांग्रेस प्रत्याशी वीरभद्र सिंह ने 13997 वोट से भाजपा के महेश्वर सिंह को हराया। 2012 में वीरभद्र सिंह के मुख्यमंत्री बनने के बाद 2013 में उपचुनाव हुए। इसमें उनकी धर्मपत्नी प्रतिभा सिंह ने 1.36 लाख के अंतर से भाजपा के जयराम ठाकुर को हराया। इस सीट पर कांग्रेस के 11, भाजपा के 5 और हिलोपा का 1 विधायक है।