फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त

'पीरियड में खाना बनाने वाली महिलाएं कुत्री में लेंगी जन्म' कहने वाले स्वामी को Period Feast से जवाब

Wed, 26 Feb 2020 12:50 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 26 Feb 2020 12:50 PM IST
विज्ञापन
Women Period festival is retort to statement Menstruating women who cook will be reborn as dogs
Period Feast - फोटो : ANI

मासिक धर्म यानी पीरियड को लेकर अभी भी देश के कई हिस्सों में लोगों की सोच संकीर्ण है। अभी पिछले दिनों स्वामी कृष्णास्वरूप दास ने ये कह डाला कि 'जो महिलाएं पीरियड के समय खाना बनाती हैं वो अगले जन्म में कुतरी (फीमेल डॉग) बनकर पैदा होती हैं और जो पुरुष पीरियड वाली महिलाओं के हाथ का बना खाना खाते हैं वो अगले जन्म में बैल बनकर पैदा होते हैं।' उनके इस बयान का देश भर में विरोध हुआ। वहीं राजधानी दिल्ली की महिलाओं ने उन्हें अलग ही अंदाज में जवाब दिया।

Women Period festival is retort to statement Menstruating women who cook will be reborn as dogs
Period Feast, Delhi - फोटो : ANI

यह ऐसा इकलौता मामला नहीं है, जब महिलाओं के पीरियड को लेकर ऐसी दकियानुसी बातें कही गई हों। पिछले साल झारखंड के एक आदिवासी इलाके में एक महिला को पीरियड के दौरान एक फूस के घर में कैद कर दिया गया था। वहीं हाल ही में गुजरात के भुज शहर में श्री सहजानंद गर्ल्स इंस्टिट्यूट के 68 लड़कियों से पीरियड के बारे में सवालात हुए। हॉस्टल के वार्डन को संदेह था कि कुछ लड़कियां पीरियड के दौरान किचन में गई हैं। यह संस्थान भी स्वामी कृष्णास्वरूप द्वारा ही संचालित किया जाता है। 

Women Period festival is retort to statement Menstruating women who cook will be reborn as dogs
Period Feast - फोटो : ANI

इन तमाम दकियानुसी घटनाओं को दिल्ली की एक एनजीओ ने अलग ही अंदाज में जवाब दिया है। दरअसल एनजीओ सच्ची सहेली की ओर से पीरियड फीस्ट का आयोजन कराया गया। 23 फरवरी को हुए इस उत्सव में उन 28 महिलाओं से खाना बनवाया गया, जिनका पीरियड चल रहा था। उनके हाथों बना खाना खाने के लिए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित करीब 300 लोग पहुंचे। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Women Period festival is retort to statement Menstruating women who cook will be reborn as dogs
Period Feast, Delhi - फोटो : ANI

इस एनजीओ की फाउंडर गायनिकोलॉजिस्ट और सुरभि सिंह के मुताबिक ये महिलाओं के मासिक धर्म के सम्मान में आयोजित एक लंच इवेंट था। गुजरानी के स्वामीनारायण भुज मंदिर के स्वामी कृष्णास्वरूप की रूढ़िवादी सोच को हमारी ओर से करारा जवाब था। इस इवेंट में महिलाओं ने एक एप्रेन पहना था जिसमें लिखा था, 'मैं गर्व करती हूं कि मुझे मासिक धर्म है'। 

विज्ञापन
Women Period festival is retort to statement Menstruating women who cook will be reborn as dogs
Period Feast - फोटो : ANI

इस इवेंट के दौरान एक स्ट्रीट प्ले के जरिए पीरियड से जुड़े मिथकों और अंधविश्वासों के बारे में जागरूकता फैलाई गई। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि आज के समय में शुद्ध और अशुद्ध कुछ भी नहीं है। मासिक धर्म तो प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका सम्मान किया जाना चाहिए। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed