फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Is the cave at Mukhari Mata Temple connected to the Adhar Devi Temple in Mount Abu..?

राजस्थान: माउंट आबू की पहाड़ी पर विराजमान मुखरी माता मंदिर, क्या है मोर-मोरनी की समाधि और गुफा से जुड़ा राज?

Sat, 17 Oct 2026 06:27 PM IST
सिरोही ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: सिरोही ब्यूरो Updated Sat, 17 Oct 2026 06:27 PM IST
सार

राजस्थान के सिरोही जिले में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं, जिनसे आस्था के साथ स्थानीय मान्यताएं और पुरानी जनश्रुतियां भी जुड़ी हुई हैं। आबूरोड से माउंट आबू जाने वाले मार्ग पर तलेटी की पहाड़ी पर स्थित मुखरी माता मंदिर भी ऐसा ही एक स्थल है। यहां चामुंडा माता के दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। जानिए क्या है इस मंदिर की मान्यता।

विज्ञापन
Is the cave at  Mukhari Mata Temple connected to the Adhar Devi Temple in Mount Abu..?
आबूरोड के तलेटी क्षेत्र स्थित मुखरी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मंदिर परिसर में बनी गुफा और मोर-मोरनी का समाधि स्थल लोगों की जिज्ञासा बढ़ाते हैं। खास बात यह है कि गुफा को लेकर माउंट आबू के अधर देवी मंदिर से जुड़ी मान्यता भी प्रचलित है, हालांकि इसकी ऐतिहासिक पुष्टि होना बाकी है।

विज्ञापन


पहाड़ियों के बीच स्थित है प्राचीन मंदिर
आबूरोड-माउंट आबू मार्ग पर तलेटी की पहाड़ी पर स्थित मुखरी माता मंदिर अपनी धार्मिक महत्ता और प्राकृतिक परिवेश के कारण विशेष पहचान रखता है। आबूरोड रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से करीब 6 किलोमीटर दूर पहाड़ियों के बीच स्थित इस मंदिर में चामुंडा माता विराजमान हैं। श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर की पहचान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि परिसर में मौजूद गुफा और मोर-मोरनी का समाधि स्थल भी लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं।
विज्ञापन


गुफा को लेकर अधर देवी मंदिर से जुड़ी मान्यता
मुखरी माता मंदिर परिसर में बनी गुफा यहां की खास विशेषताओं में शामिल है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस गुफा का संबंध माउंट आबू स्थित प्रसिद्ध अर्बुदा देवी यानी अधर देवी मंदिर से बताया जाता है। ऐसी जनश्रुति भी प्रचलित है कि प्राचीन समय में यह गुफा माउंट आबू की ओर जाने वाले किसी मार्ग से जुड़ी रही होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालांकि, गुफा का अधर देवी मंदिर तक पहुंचना या दोनों स्थलों के बीच भूमिगत रास्ता होने की बात प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य नहीं है। इसकी वास्तविक स्थिति जानने के लिए पुरातात्विक सर्वेक्षण और ऐतिहासिक साक्ष्यों की पड़ताल जरूरी है। इसके बावजूद गुफा से जुड़ी मान्यताएं मंदिर के अतीत को लेकर लोगों में उत्सुकता पैदा करती हैं।

मोर-मोरनी का समाधि स्थल भी आकर्षण
मंदिर परिसर में मोर-मोरनी का समाधि स्थल भी मौजूद है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस स्थान को देखने के लिए यहां आने वाले लोगों में विशेष रुचि रहती है। पहाड़ी का शांत वातावरण, मंदिर की प्राचीनता और परिसर में मौजूद अलग-अलग संरचनाएं इसे क्षेत्र की धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती हैं।

पूजा के साथ सामाजिक आयोजनों का भी केंद्र
मुखरी माता मंदिर में श्रद्धालुओं के धार्मिक और सामाजिक आयोजन करने की व्यवस्था है। इसके चलते मंदिर पूजा-अर्चना के साथ सामूहिक कार्यक्रमों और सामाजिक मेलजोल का केंद्र भी है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से क्षेत्र के लोग एकत्रित होते हैं और अपनी धार्मिक-सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं।

ऐतिहासिक पहचान के लिए शोध जरूरी
मुखरी माता मंदिर की प्राचीनता, गुफा की संरचना और उससे जुड़ी जनश्रुतियों का व्यवस्थित अध्ययन इस स्थल के इतिहास को समझने में मदद कर सकता है। पुरातत्व विशेषज्ञों और इतिहासकारों के सर्वेक्षण से गुफा की वास्तविक प्रकृति और मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी मिल सकती है। साथ ही, मंदिर परिसर और उससे जुड़ी स्थानीय विरासत के संरक्षण की दिशा में भी प्रयास किए जा सकते हैं।


आस्था और रहस्य के कारण विशिष्ट पहचान
मुखरी माता मंदिर आबूरोड क्षेत्र की ऐसी धार्मिक धरोहर है, जहां आस्था के साथ इतिहास को जानने की जिज्ञासा भी जुड़ी हुई है। गुफा से जुड़ी स्थानीय मान्यताएं, मोर-मोरनी का समाधि स्थल और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों की व्यवस्था इसे विशिष्ट बनाती हैं। प्रमाण आधारित शोध से इस मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed