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सत्ता का सेमीफाइनल: सीकर में किसानों की क्यों नहीं सुनते नेता, जनता ने मांगा जवाब
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 29 Nov 2018 04:20 PM IST
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सत्ता का सेमीफाइनल में क्या कहती है सीकर की जनता?
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार चरम पर है। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा सीकर।
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संवाददाता अभिलाषा ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया। उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना कि जनता के मन में क्या है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि सीकर में क्या हैं जमीनी हालात।
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इस चर्चा में हमारे साथ जुड़े भाजपा के बलवंत सिंह, प्रवक्ता गिरीश प्रधान, कांग्रेस से बुनियाद कुरैशी और कैलाश पारीक।
भाजपा प्रतिनिधि ने कहा कि उनके सामने गहलोत सरकार कहीं नहीं टिकती। वसुंधरा सरकार ने हर क्षेत्र में आगे बढ़कर काम किया है। जनता दोबारा चुनने को तैयार है।
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कांग्रेस प्रतिनिधि ने भाजपा के दावों को झुठलाते हुए कहा कि चार साल में कोई काम नहीं हुआ। सारा काम राजेंद्र पारीक के वक्त होने का दावा किया।
एक वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने जातिगत समीकरणों पर ज्यादा ध्यान दिया है जो जनता को पसंद नहीं आ रहा। महिलाओं ने कहा कि तेल से लेकर घर तक सब महंगा हो गया है। बच्चों को नौकरी नहीं मिली।
खेती-किसानी से जुड़े लोगों ने कहा कि उन्हें फसल का ठीक भाव नहीं मिल रहा। एक किसान ने कहा कि बोलने के बावजूद, विधायक ने बेमौसम बरसात के बाद हुए नुकसान का जायजा नहीं लिया।