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Rajasthan News: चित्तौड़गढ़ के सतपुड़ा गांव को मिली पैंथर की दहशत से आजादी, वन विभाग ने रेस्क्यू किया
Mon, 04 Jul 2022 07:39 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्तौड़गढ़
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 04 Jul 2022 07:39 PM IST
सार
चित्तौड़गढ़ के सतपुड़ा गांव में कुछ दिनों से पैंथर का आतंक था। वन विभाग ने पिंजरे लगाकर उसे पकड़ा और बस्सी वन्य अभयारण्य में छोड़ दिया।
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चित्तौड़गढ़ में पैंथर को रेस्क्यू किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चित्तौड़गढ़ जिले के सतपुड़ा गांव में पैंथर की हलचल थी। पिछले कुछ दिनों से यह पैंथर मवेशियों का शिकार कर रहा था। ग्रामीणों में दहशत थी और इस वजह से वन विभाग ने दो पिंजरे लगाकर उसे पकड़ा। बाद में उसे बस्सी वन्य अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सतपुड़ा गांव में पैंथर की हलचल से ग्रामीण दहशत में थे। रविवार देर रात मादा पैंथर को पिजंरे में कैद करने में सफलता मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पैंथर ने पिछले एक महीने से दहशत कायम कर ली थी। दो दिन पहले भी उसने गांव में गाय के बछड़े का शिकार किया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी।
दो पिंजरे लगाए थे
वन विभाग ने ग्रामीणों में फैली दहशत को गंभीरता से लिया और पैंथर की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अलग-अलग जगह दो पिंजरे लगाए। इसमें शिकार की तलाश कर रही एक वयस्क मादा पैंथर कैद हो गई। सोमवार सुबह ने ग्रामीणों ने पिंजरे में मादा पैंथर को देखकर वन विभाग को सूचित किया। इस पर क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा, नाका इंचार्ज सहनवा भूपेंद्र कुमार मीणा, मनोज शर्मा, वन पाल इंद्र सिंह तंवरी, विशाल मीणा, वन रक्षक पंकज वैष्णव, नाथू सिंह की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से इस मादा पैंथर को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बस्सी वन्य जीव अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
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चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सतपुड़ा गांव में पैंथर की हलचल से ग्रामीण दहशत में थे। रविवार देर रात मादा पैंथर को पिजंरे में कैद करने में सफलता मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पैंथर ने पिछले एक महीने से दहशत कायम कर ली थी। दो दिन पहले भी उसने गांव में गाय के बछड़े का शिकार किया था। इसकी सूचना वन विभाग को दी गई थी।
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दो पिंजरे लगाए थे
वन विभाग ने ग्रामीणों में फैली दहशत को गंभीरता से लिया और पैंथर की गतिविधियों पर नजर रखते हुए अलग-अलग जगह दो पिंजरे लगाए। इसमें शिकार की तलाश कर रही एक वयस्क मादा पैंथर कैद हो गई। सोमवार सुबह ने ग्रामीणों ने पिंजरे में मादा पैंथर को देखकर वन विभाग को सूचित किया। इस पर क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा, नाका इंचार्ज सहनवा भूपेंद्र कुमार मीणा, मनोज शर्मा, वन पाल इंद्र सिंह तंवरी, विशाल मीणा, वन रक्षक पंकज वैष्णव, नाथू सिंह की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से इस मादा पैंथर को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बस्सी वन्य जीव अभयारण्य में छोड़ दिया गया।
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