राजस्थान संकट: सचिन पायलट खेमे के विधायकों की याचिका पर आज फिर होगी सुनवाई
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कांग्रेस के बागी नेता सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों की याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में आज सुबह 10.30 बजे फिर से सुनवाई होगी। सचिन पायलट व 18 अन्य विधायकों की विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका पर राजस्थान उच्च न्यायालय में आज दिनभर सुनवाई हुई। मामले से अलग वकीलों को अदालत के बाहर रहने को कहा गया।
#WATCH Rajasthan: Congress MLAs along with Chief Minister Ashok Gehlot sing 'Hum Honge Kamyaab' at Hotel Fairmont in Jaipur. pic.twitter.com/VBByRkFBku
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— ANI (@ANI) July 20, 2020
जानिए 20 जुलाई की सुनवाई में क्या-क्या हुआ
सचिन पायलट समेत कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को स्पीकर की ओर से अयोग्य करार देने से संबंधी नोटिस मामले में सोमवार सुबह दस बजे से हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई। मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत मोहंती और न्यायाधीश प्रकाश गुप्ता की पीठ के समक्ष स्पीकर सीपी जोशी की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि विधायकों को सिर्फ नोटिस भेजा गया है। अयोग्य नहीं ठहराया गया। उन्होंने कहा कि पायलट खेमे की याचिका अपरिपक्व है, इसे खारिज करें।
वहीं, पायलट खेमे की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सरकार गिराना और मुख्यमंत्री हटाना दोनों अलग बात है। स्पीकर अयोग्यता से संबंधित नोटिस नहीं दे सकते, क्योंकि विधानसभा सत्र नहीं नहीं चल रहा है। इस मामले में मंगलवार को सुनवाई होगी, जिसमें पायलट खेमे की ओर से वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी दलील पेश करेंगे।
दो सदस्यीय खंडपीठ के समक्ष करीब आठ घंटे चली सुनवाई में सिंघवी ने कहा कि जब तक स्पीकर फैसला नहीं कर लेते कोर्ट इस मामले में दखल नहीं दे सकता। वहीं, साल्वे ने कहा कि बागी विधायकों ने पार्टी के खिलाफ न कोई बयान दिया और न ऐसा कोई काम किया, जिससे साबित हो कि वे सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं। यह नोटिस अभिव्यक्ति की आजादी का भी उल्लंघन करता है।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने स्पीकर को 21 जुलाई तक कार्रवाई न करने के निर्देश दिए थे। स्पीकर ने पायलट खेमे के विधायकों को नोटिस का जवाब देने के लिए 21 जुलाई शाम 5.30 बजे तक का वक्त दिया है।
एसीबी ने भंवरलाल और विश्वेंद्र को तीन दिन में पेश होने को कहा
इस बीच, राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को कांग्रेस के बागी विधायकों भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह को नोटिस भेजा है, जिसमें दोनों को तीन दिन के भीतर जांच के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।
पायलट जो कर रहे, उसे मेरी रिहाई से जोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण : उमर
राजस्थान के सियासी विवाद में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी उतर पडे़ हैं। उन्होंने ट्वीट किया, सचिन पायलट जो भी कर रहे हैं, उसे मेरे या मेरे पिता की रिहाई से जोड़ा जा रहा है, जो झूठा और दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने लिखा, बहुत हुआ, झूठे आरोप से तंग आ गया हूं।
अब्दुल्ला ने यह ट्वीट छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस इंटरव्यू के बाद किया, जिसमें उन्होंने पायलट की बगावत को अब्दुल्ला की रिहाई से जोड़ा था। अब्दुल्ला ने बघेल को टैग करते हुए लिखा, मेरे वकीलों का सामना करने के लिए तैयार रहिए। गौरतलब है कि पायलट की शादी उमर अब्दुल्ला की बहन सारा के साथ हुई है।
कटारिया ने डीजीपी से की एफआईआर की मांग
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने डीजीपी भूपेंद्र यादव को पत्र लिखकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला और मुख्य सचेतक महेश जोशी समेत अन्य कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर की मांग की है।
दरअसल, विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में जारी ऑडियो क्लिप को फर्जी बताते हुए भाजपा नेता लक्ष्मीकांत भारद्वाज ने शिकायत दी थी। इसी आधार पर कटारिया ने एफआईआर की मांग की है। उन्होंने कहा, कांग्रेस नेताओं ने निजता का उल्लंघन किया जो अपराध है।
एसओजी के नोटिस पर केंद्रीय मंत्री शेखावत बोले पहले ऑडियो टैप की जांच कराएं और स्रोत बताएं
राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े ऑडियो टैप मामले में राज्य पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को नोटिस भेजा है। इस पर शेखावत ने कहा, एसओजी ने मेरे निजी सचिव के जरिये नोटिस भेजा है।
उन्होंने मुझे बयान और आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने को कहा है। एसओजी को पहले ऑडियो टैप की प्रमाणिकता की जांच करनी चाहिए। किसने इसे रिकॉर्ड किया और एसओजी ने इसे कहां से हासिल किया। इसके स्रोत के बारे में बताएं। मेरे दरवाजे किसी भी जांच के लिए हमेशा खुले हैं।
चुनी हुई सरकार पैसे से गिराना संविधान से धोखा: शिवसेना
राजस्थान के राजनीतिक संकट पर शिवसेना ने कहा है कि फोन टैप करना निजी स्वतंत्रता पर हमला है और धन के बल पर चुनी हुई सरकार गिराना संविधान के साथ छल करने जैसा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में लिखा कि दोनों में से कौन सा बड़ा अपराध है। शिवसेना ने दावा किया कि राजस्थान फोन टैपिंग मामले से कई चेहरे बेनकाब हो चुके हैं।
पार्टी ने कहा, अगर कोई कांग्रेस के नेताओं की बातचीत को चुपके से सुनकर उसे राहुल गांधी के कानों तक पहुंचा देता है तो कई और खुलासे होंगे। कुछ लोगों ने राहुल को काम नहीं करने देने का बीड़ा उठा रखा है। शिवसेना ने आगे कहा कि यह फैसला किया गया था कि पैसे देकर राजस्थान सरकार को गिराया जाएगा।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुलासा किया कि सचिन पायलट का अन्याय के खिलाफ विद्रोह झूठ है। पायलट और भाजपा नेताओं के बीच फोन पर बातचीत से यह बात सामने आई। यह हैरान करने वाला और सनसनीखेज है। शिवसेना ने कहा कि गहलोत सरकार को गिराने के लिए केंद्र ने दबाव और धन की ताकत इस्तेमाल की और कांग्रेस ने ऐसा नहीं होने दिया।
भाजपा में नहीं जाएंगे, लड़ाई कांग्रेस बचाने की: भाकर
हम भाजपा में शामिल नहीं होंगे। हमारी लड़ाई राजस्थान सरकार में नेतृत्व में बदलाव लाकर कांग्रेस को बचाने की है। हम किसी भाजपा शासित प्रदेश में नहीं हैं, बल्कि दिल्ली में हैं।
-मुकेश भाकर, विधायक, नागौर