'सत्ता का संग्राम': भीलवाड़ा में चाय पर चर्चा में बोले मतदाता; काम करके देना पड़ेगा, अब पार्टी के नाम वोट नहीं
Rajasthan Election 2023: अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' आज यानी सात नवंबर को राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में पहुंचा है। यहां सुबह-सुबह चाय की चुस्कियों के साथ लोगों ने विकास और अपनी समस्याओं पर खुलकर राय व्यक्त की। आइए जानते हैं लोग क्या बोले।
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'सत्ता का संग्राम' के तहत अमर उजाला का चुनावी रथ मंगलवार को भीलवाड़ा पहुंचा। यहां पर लोगों ने अमर उजाला के साथ सरकार और विकास सहित अन्य मुद्दों पर अपनी बात रखी। साथ ही लोगों ने सरकार से क्या अपेक्षाएं की और क्या हुआ, इस पर भी राय व्यक्त की।
‘काम नहीं तो वोट नहीं’
अमर उजाला से चाय से चर्चा के दौरान एक मतदाता ने कहा कि भीलवाड़ा हमेशा से ही समस्याओं से जूझता रहा है। आश्वासन पूरा देते हैं नेता लोग। लेकिन अगले पांच साल सिर्फ इंतजार में ही निकलता है। अब जनता जागरूक हो चुकी है, जो काम नहीं करेगा अब उसे वोट नहीं मिलेगा। ये भीलवाड़ा का माहौल आज की तारीख में है। जनता को काम चाहिए। पार्टी के नाम पर वोट मिलता है अब। अब आपको काम करके देना पड़ेगा, लोगों की समस्याओं का समाधान करना पड़ेगा। तब ही आम आदमी आगे बढ़ेगा।
‘हम अंतर्राष्ट्रीय सुविधा से वंचित हैं’
एक अन्य मतदाता ने कहा कि भीलवाड़ा में ओवर ब्रिज नहीं हैं, वह सबसे पहले चाहिए। पंद्रह सालों से कोई विकास नहीं हुआ है। आधारभूत सुविधा नहीं हुई। जैसे दीवाली आती है तो सड़कें बनने लग जाती हैं, जिसकी आवश्यकता नहीं। इससे हर दुकानदार आदमी को समस्या रहती है क्योंकि ग्राहक नहीं आ पाते हैं। उन्होंने कहा कि भीलवाड़ टैक्सटाइल हब है, टैक्सटाइल सिटी है। लेकिन यहां अभी तक टैक्सटाइल पार्क नहीं बना है। टैक्सटाइल पार्क जोधपुर में है, जबकि भीलवाड़ा पूरे वर्ल्ड में फेमस इसके लिए। टैक्सटाइल पार्क बनने से अंतर्राष्ट्रीय सुविधा होती है, लेकिन हम इससे वंचित हैं।
‘खुद अपना विकास कर रहा आम आदमी’
एक अन्य मतदाता ने कहा कि यहां रोजगार की बहुत समस्या है। नेता यहां कुछ करना ही नहीं चाहते। जो अच्छा काम करेगा, वोट उसी को देंगे। उन्होंने कहा कि न तो यहां पर पुल हैं। यहां सबसे ज्यादा गाड़ियां हैं, लेकिन उस हिसाब से ट्रैफिक कंट्रोल की व्यवस्था नहीं है। विकास के नाम पर कुछ नहीं है। यहां सेल्फ विकास है, अपना विकास खुद करो बस। आम आदमी खुद अपना विकास कर रहा है।