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Nagaur : करोड़ों की सरकारी जमीन पर भू माफियाओं का कब्जा, प्रशासन बेबस, पत्रकार को मिली जान से मारने की धमकी
Sun, 21 Jul 2024 12:16 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sun, 21 Jul 2024 12:16 PM IST
सार
जिले के बड़ी खाटू क्षेत्र में सरकारी भूमि पर नेताओं और रसूखदारों द्वारा कब्जा करने बाद राजस्व विभाग किसी भी तरह से कार्रवाई करने में अक्षम दिखाई दे रहा है। हाल ही में भू माफिया बड़ी खाटू क्षेत्र में सरकारी भूमि के खसरा नंबर 1679 को स्वयं की भूमि बताकर निर्माण कार्य शुरू कर चुके हैं।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नागौर जिले के बड़ी खाटू क्षेत्र में सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में राजस्व विभाग बेबस दिखाई दे रहा है। अपना खाता पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार खाटू कलां क्षेत्र के खसरा नंबर 1679 एक गैर मु. नाले की जमीन होना दर्शाता है, जबकि भू माफिया इस जमीन पर सरकारी भूमि के लिए चर्चित प्रकरण अब्दुल रहमान का हवाला देते हुए इसे स्वयं के हिस्से की भूमि बताकर निर्माण कार्य शुरू कर चुके हैं।
बड़ी खाटू क्षेत्र में सरकारी भूमि के खसरा नंबर 1679 पर कब्जा कर के निर्माण कार्य करने वाले राजनीतिक रसूखदार सरकारी कब्जे वाली जमीन पर प्रशासन का कोई भी कर्मी आता है तो वर्तमान सरकार में अच्छी पहचान होने के दावा करके प्रशासन कर्मियों पर दबाव बनाकर कार्रवाई करने से रोक देते हैं। एक भू माफिया ने स्थानीय पटवारी महेंद्र पंवार को APO करवाने तक की बात कह डाली।
पत्रकार को भी दी जान से मारने की धमकी
बड़ी खाटू क्षेत्र में बेशकीमती सरकारी जमीन के नेशनल हाईवे 458 पर स्थित खसरा नंबर 1679 पर भू माफियाओं के कब्जे की खबर प्रकाशित करने के बाद आक्रोशित राजनीतिक रसूखदार ने संबंधित पत्रकार को व्हाट्सएप कॉल के जरिये एफआईआर करवाने की धमकी दी। इतना ही नहीं मौके पर मौजूद वर्तमान डेगाना प्रधान प्रतिनिधि दुर्गाराम चोयल ने राजनीतिक रौब जमाते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
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पत्रकार ने जब जमीन के दस्तावेज देखने की बात कही तो भू माफिया ने 15 साल राजनीतिक करियर का रौब दिखाते हुए रेवेन्यू मिनिस्टर से मिलने की बात कर दस्तावेज दिखाने से मना कर दिया। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि वर्तमान सरकार में अच्छी पहचान होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
सरकारी खसरों पर भू माफिया की नजर
जब हमने राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अपना खाता पर खाटूकलां क्षेत्र के खसरा नंबर 1679 टाइप किया तो उसमें करीब 145 खसरे की करीब 110 हैक्टर से ज्यादा होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिसमें बेशकीमती जमीनों पर कई बड़े भूमाफिया के कब्जे होने की बात सामने आई है लेकिन कई कारणों से प्रशासनिक अधिकारी सरकारी जमीनों से कब्जा छुड़वाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं।
इनका कहना है
मुझे इस मामले के बारे जानकारी नहीं है। स्थानीय पटवारी को कहकर जांच करवाता हूं, अगर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कार्य हो रहा है तो भू माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-बजरंगलाल, तहसीलदार, जायल
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बड़ी खाटू क्षेत्र में सरकारी भूमि के खसरा नंबर 1679 पर कब्जा कर के निर्माण कार्य करने वाले राजनीतिक रसूखदार सरकारी कब्जे वाली जमीन पर प्रशासन का कोई भी कर्मी आता है तो वर्तमान सरकार में अच्छी पहचान होने के दावा करके प्रशासन कर्मियों पर दबाव बनाकर कार्रवाई करने से रोक देते हैं। एक भू माफिया ने स्थानीय पटवारी महेंद्र पंवार को APO करवाने तक की बात कह डाली।
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पत्रकार को भी दी जान से मारने की धमकी
बड़ी खाटू क्षेत्र में बेशकीमती सरकारी जमीन के नेशनल हाईवे 458 पर स्थित खसरा नंबर 1679 पर भू माफियाओं के कब्जे की खबर प्रकाशित करने के बाद आक्रोशित राजनीतिक रसूखदार ने संबंधित पत्रकार को व्हाट्सएप कॉल के जरिये एफआईआर करवाने की धमकी दी। इतना ही नहीं मौके पर मौजूद वर्तमान डेगाना प्रधान प्रतिनिधि दुर्गाराम चोयल ने राजनीतिक रौब जमाते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
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पत्रकार ने जब जमीन के दस्तावेज देखने की बात कही तो भू माफिया ने 15 साल राजनीतिक करियर का रौब दिखाते हुए रेवेन्यू मिनिस्टर से मिलने की बात कर दस्तावेज दिखाने से मना कर दिया। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि वर्तमान सरकार में अच्छी पहचान होने के कारण प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई करने से डर रहे हैं।
सरकारी खसरों पर भू माफिया की नजर
जब हमने राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट अपना खाता पर खाटूकलां क्षेत्र के खसरा नंबर 1679 टाइप किया तो उसमें करीब 145 खसरे की करीब 110 हैक्टर से ज्यादा होने की जानकारी प्राप्त हुई, जिसमें बेशकीमती जमीनों पर कई बड़े भूमाफिया के कब्जे होने की बात सामने आई है लेकिन कई कारणों से प्रशासनिक अधिकारी सरकारी जमीनों से कब्जा छुड़वाने में नाकाम दिखाई दे रहे हैं।
इनका कहना है
मुझे इस मामले के बारे जानकारी नहीं है। स्थानीय पटवारी को कहकर जांच करवाता हूं, अगर सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण कार्य हो रहा है तो भू माफिया के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-बजरंगलाल, तहसीलदार, जायल