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नागौर: फसल बीमा में 7.67 लाख का फर्जी क्लेम, ई-मित्र संचालक से सरकारी शिक्षक बने आरोपी को स्कूल से दबोचा
Mon, 19 Oct 2026 07:32 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी
Updated Mon, 19 Oct 2026 07:32 PM IST
सार
राजस्थान के नागौर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फर्जी दस्तावेजों से 7.67 लाख रुपये का क्लेम उठाने के मामले में पुलिस ने आरोपी पुखराज जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले ई-मित्र केंद्र चलाता था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक है।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जी दस्तावेज के सहारे 7,67,485 रुपये का क्लेम उठाने के मामले में नागौर पुलिस ने आरोपी पुखराज जाट को ब्यावर जिले के ठाकरवास गांव स्थित सरकारी स्कूल से गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले ई-मित्र केंद्र चलाता था और वर्तमान में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। इस घोटाले में कुल 37 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से यह एक है।
फर्जी दस्तावेज से हड़पी बीमा राशि
पुलिस के अनुसार नागौर निवासी परिवादी वेदप्रकाश सांखला ने 25 अगस्त को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि चूंटीसरा पटवार हल्का में उनकी सहखातेदारी जमीन पर वर्ष 2021 की खरीफ मूंग फसल के लिए आरोपियों ने खुद को फर्जी बंटाईदार बताया। वास्तविक खातेदार को बिना जानकारी दिए कूट रचित दस्तावेज तैयार किए गए और बीमा क्लेम की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
इस साजिश के तहत कैलाशराम पूनिया के बैंक खाते में 2,77,168 रुपये, सुमन देवी के खाते में 2,84,388 रुपये और सरोज के खाते में 2,05,929 रुपये जमा कराए गए। परिवादी ने आरोप लगाया था कि इस धोखाधड़ी में फसल बीमा कंपनी के दलाल बीरबलराम कमेडिया और ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम समेत कई लोग शामिल थे।
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मामले में पूर्व में हुई कई गिरफ्तारियां
पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन और नागौर के पुलिस वृत्त अधिकारी जतिन जैन के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने आरोपी पुखराज जाट को पकड़ा है। इससे पहले, पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी वकील बीरबलराम कमेडिया और उनकी पत्नी बसंती को गिरफ्तार किया था। आरोपी बीरबल अपनी पत्नी बसंती का जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र जमा कराने आया था, तभी पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही शिक्षक पुखराज जाट का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।
ये भी पढ़ें- टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 16 घंटे में किया 954 किमी का सफर, रास्ता न समझ पाने के फेर में फंसे तीनों आरोपी
परतें खंगालने में जुटी पुलिस
मामले की जांच कर रहे अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि प्रकरण में बीरबलराम, बसंती और पुखराज की गिरफ्तारी हो चुकी है। फर्जीवाड़े में शामिल तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द पकड़ा जाएगा। नागौर जिले में दूसरे किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा क्लेम उठाने के खेल में अब तक कुल 37 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी हुई है।
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फर्जी दस्तावेज से हड़पी बीमा राशि
पुलिस के अनुसार नागौर निवासी परिवादी वेदप्रकाश सांखला ने 25 अगस्त को सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि चूंटीसरा पटवार हल्का में उनकी सहखातेदारी जमीन पर वर्ष 2021 की खरीफ मूंग फसल के लिए आरोपियों ने खुद को फर्जी बंटाईदार बताया। वास्तविक खातेदार को बिना जानकारी दिए कूट रचित दस्तावेज तैयार किए गए और बीमा क्लेम की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
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इस साजिश के तहत कैलाशराम पूनिया के बैंक खाते में 2,77,168 रुपये, सुमन देवी के खाते में 2,84,388 रुपये और सरोज के खाते में 2,05,929 रुपये जमा कराए गए। परिवादी ने आरोप लगाया था कि इस धोखाधड़ी में फसल बीमा कंपनी के दलाल बीरबलराम कमेडिया और ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम समेत कई लोग शामिल थे।
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मामले में पूर्व में हुई कई गिरफ्तारियां
पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन और नागौर के पुलिस वृत्त अधिकारी जतिन जैन के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने आरोपी पुखराज जाट को पकड़ा है। इससे पहले, पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी वकील बीरबलराम कमेडिया और उनकी पत्नी बसंती को गिरफ्तार किया था। आरोपी बीरबल अपनी पत्नी बसंती का जिला परिषद सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र जमा कराने आया था, तभी पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ही शिक्षक पुखराज जाट का नाम सामने आया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।
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परतें खंगालने में जुटी पुलिस
मामले की जांच कर रहे अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि प्रकरण में बीरबलराम, बसंती और पुखराज की गिरफ्तारी हो चुकी है। फर्जीवाड़े में शामिल तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी किसनाराम समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द पकड़ा जाएगा। नागौर जिले में दूसरे किसानों की जमीनों पर फर्जी तरीके से बीमा क्लेम उठाने के खेल में अब तक कुल 37 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी हुई है।