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कोटा: ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, 70 साल की पत्नी की हत्या के आरोप में 73 साल का पति गिरफ्तार
Thu, 15 Oct 2026 10:40 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:40 PM IST
सार
राजस्थान के कोटा ग्रामीण जिले में पुलिस ने ढाई महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए 73 वर्षीय चुन्नीलाल माली को पत्नी कमलाबाई माली की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पत्नी की सोते समय धारदार हथियार से हत्या की और खुद को बचाने के लिए अपने सिर पर खरोंचें लगाकर हमले की झूठी कहानी बनाई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पुलिस ने ढाई महीने पुराने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए 73 वर्षीय वृद्ध पति को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। अयाना थाना क्षेत्र के कजालिया गांव में रहने वाले अभियुक्त चुन्नीलाल माली ने अपनी 70 वर्षीय पत्नी कमलाबाई माली की धारदार हथियार से वार करके निर्मम हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अपने दामाद और भतीजों पर हत्या का झूठा आरोप लगाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी। घरेलू कलह और आरोपी के उग्र स्वभाव के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया।
नींद में धारदार हथियार से कत्ल
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात वाली रात चुन्नीलाल ने अपनी पत्नी के सोने का इंतजार किया। पत्नी के गहरी नींद में सोते ही आरोपी ने धारदार हथियार से उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। उसने अपने सिर पर भी हल्की खरोंचें लगाईं, खून पोंछा और पट्टी बांध ली ताकि ऐसा लगे कि अज्ञात हमलावरों ने उन दोनों पर हमला किया है। अगले दिन सुबह जब दूधवाला आया, तब आरोपी ने दरवाजा खोला और अज्ञात लोगों द्वारा हमले की झूठी कहानी गढ़ी।
घर का मुख्य द्वार अंदर से बंद था
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहला संदेह इस बात पर हुआ कि मकान का मुख्य प्रवेश द्वार रात भर अंदर से बंद था। सुबह जब दूधवाले ने आवाज लगाई, तभी चुन्नीलाल ने अंदर से कुंडी खोली थी। यदि कोई बाहरी हमलावर घर में दाखिल होता, तो उसे मुख्य द्वार से ही बाहर निकलना पड़ता। इसके अलावा घर की छत, चादरों या दीवारों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति के चढ़ने या जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले थे।
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जमीन विवाद के नाम पर दामाद-भतीजों को फंसाने की कोशिश
जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने के लिए चुन्नीलाल ने जमीन के विवाद का हवाला देते हुए अपने दामाद बलराम और भतीजों सोनू व चेतन पर हत्या का मनगढ़ंत आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) विश्लेषण से तीनों की बेगुनाही साबित हो गई। घटना के समय दामाद बलराम अपने साले के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए रावल जावल गांव में मौजूद था। वहीं दोनों भतीजों की भी गांव या आसपास कोई संदिग्ध मौजूदगी नहीं पाई गई। घटनास्थल पर मृतका कमलाबाई और आरोपी चुन्नीलाल के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था।
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नींद में धारदार हथियार से कत्ल
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात वाली रात चुन्नीलाल ने अपनी पत्नी के सोने का इंतजार किया। पत्नी के गहरी नींद में सोते ही आरोपी ने धारदार हथियार से उसके सिर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची। उसने अपने सिर पर भी हल्की खरोंचें लगाईं, खून पोंछा और पट्टी बांध ली ताकि ऐसा लगे कि अज्ञात हमलावरों ने उन दोनों पर हमला किया है। अगले दिन सुबह जब दूधवाला आया, तब आरोपी ने दरवाजा खोला और अज्ञात लोगों द्वारा हमले की झूठी कहानी गढ़ी।
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घर का मुख्य द्वार अंदर से बंद था
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की गहनता से पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सबसे पहला संदेह इस बात पर हुआ कि मकान का मुख्य प्रवेश द्वार रात भर अंदर से बंद था। सुबह जब दूधवाले ने आवाज लगाई, तभी चुन्नीलाल ने अंदर से कुंडी खोली थी। यदि कोई बाहरी हमलावर घर में दाखिल होता, तो उसे मुख्य द्वार से ही बाहर निकलना पड़ता। इसके अलावा घर की छत, चादरों या दीवारों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति के चढ़ने या जबरन घुसने के कोई निशान नहीं मिले थे।
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जमीन विवाद के नाम पर दामाद-भतीजों को फंसाने की कोशिश
जांच को दूसरी दिशा में मोड़ने के लिए चुन्नीलाल ने जमीन के विवाद का हवाला देते हुए अपने दामाद बलराम और भतीजों सोनू व चेतन पर हत्या का मनगढ़ंत आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस की तकनीकी जांच और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) विश्लेषण से तीनों की बेगुनाही साबित हो गई। घटना के समय दामाद बलराम अपने साले के निधन पर शोक व्यक्त करने के लिए रावल जावल गांव में मौजूद था। वहीं दोनों भतीजों की भी गांव या आसपास कोई संदिग्ध मौजूदगी नहीं पाई गई। घटनास्थल पर मृतका कमलाबाई और आरोपी चुन्नीलाल के अलावा कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था।