कोटा: अस्पताल में फिर सिजेरियन के बाद मौत! 5 महीने पहले 5 प्रसूताओं ने गंवाई थी जान, दूसरी महिला आईसीयू में
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। इनमें 40 वर्षीय रेशमा की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई।
विस्तार
राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। दो महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उनमें गुर्दे से जुड़ी गंभीर जटिलताएं सामने आई थीं। इनमें से 40 वर्षीय रेशमा की हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां शुक्रवार रात उनकी मौत हो गई। वहीं, 30 वर्षीय अनिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है। उन्हें न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
इस घटना ने करीब पांच महीने पहले इसी अस्पताल में सामने आए मामले की यादें ताजा कर दी हैं। उस समय सिजेरियन प्रसव के बाद 12 महिलाओं के गुर्दे खराब होने की शिकायत सामने आई थी, जिनमें से पांच की मौत हो गई थी। ताजा मामलों के बाद प्रसव के बाद महिलाओं की देखभाल, उनकी निगरानी और इलाज के दौरान इस्तेमाल की गई दवाओं की भूमिका को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों महिलाओं की हालत बिगड़ने के कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
सिजेरियन प्रसव के बाद बिगड़ी रेशमा की तबीयत, निजी अस्पताल में मौत
जानकारी के अनुसार, रेशमा का न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था। प्रसव के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें गुर्दे से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो गईं। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार रात रेशमा की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि रेशमा को एक इंजेक्शन लगाया गया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, इंजेक्शन और उनकी हालत बिगड़ने के बीच किसी संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले में मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
दूसरी प्रसूता अनिता की हालत गंभीर, आईसीयू में चल रहा इलाज
इसी अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद 30 वर्षीय अनिता की तबीयत भी बिगड़ गई। उन्हें गुर्दे से जुड़ी जटिलताएं होने के बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक स्थित आईसीयू में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों महिलाओं में प्रसव के बाद गुर्दे से जुड़ी समस्याएं सामने आने से चिकित्सकीय निगरानी और प्रसव के बाद दी जाने वाली देखभाल पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन जटिलताओं के पीछे क्या कारण रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पांच महीने पहले 12 महिलाओं के गुर्दे हुए थे खराब, पांच की मौत
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब पांच महीने पहले भी सिजेरियन प्रसव के बाद महिलाओं की तबीयत बिगड़ने का गंभीर मामला सामने आया था। उस दौरान 12 प्रसूताओं के गुर्दे खराब होने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से पांच महिलाओं की मौत हो गई थी। अब दो और प्रसूताओं में गुर्दे से जुड़ी गंभीर जटिलताएं सामने आने के बाद पुराना मामला फिर चर्चा में है। ताजा घटनाओं ने अस्पताल में प्रसव के दौरान और उसके बाद मरीजों को दी जाने वाली चिकित्सा देखभाल, दवाओं के संभावित दुष्प्रभाव और सर्जरी के बाद निगरानी की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
क्या पुराने मामले से जुड़ी हैं नई घटनाएं?
ताजा मामलों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इनका पांच महीने पहले हुई घटनाओं से कोई संबंध है या इनके कारण अलग हैं। फिलहाल केवल लक्षणों की समानता और घटनाओं के समय के आधार पर दोनों मामलों के बीच सीधा संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता। रेशमा की मौत के कारण और अनिता की हालत बिगड़ने की वजह स्पष्ट होने के लिए चिकित्सकीय जांच और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल जरूरी है। इन मामलों में दवाओं की भूमिका, उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया और प्रसव के बाद मरीजों की निगरानी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।