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Karauli News: किसान सम्मेलन मंच से रमेश मीना ने गहलोत-किरोड़ी पर लगाए आरोप, पांचना बांध पर क्या बोले पायलट?
Mon, 22 Jun 2026 10:25 PM IST
करौली ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करौली
Published by: करौली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 10:25 PM IST
सार
करौली के सकरघटा गांव में आयोजित किसान सम्मेलन और राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण समारोह में एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार को महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं के मुद्दों पर घेरा। वहीं पूर्व मंत्री रमेश चंद मीना ने मंच से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए।
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किसान सम्मेलन के मंच से रमेश मीना का बड़ा हमला, गहलोत-किरोड़ी पर लगाए गंभीर आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मासलपुर क्षेत्र के सकरघटा गांव में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम और किसान सम्मेलन के दौरान सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए महंगाई, बेरोजगारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली और पांचना बांध विवाद जैसे मुद्दों पर बेबाक राय रखी। वहीं पूर्व मंत्री रमेश चंद मीना ने मंच से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाते हुए मानेसर प्रकरण में कथित लेनदेन को लेकर खुली चुनौती दे डाली।
पांचना बांध विवाद पर क्या बोले पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालना चाहिए। पानी किसी एक समाज का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। किसान की पहचान उसकी जाति से नहीं बल्कि उसकी मेहनत से होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, वे समाज और प्रदेश दोनों का नुकसान कर रहे हैं।
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आज देश और प्रदेश की राजनीति मूल मुद्दों से भटक गई है। जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकारें जनहित के सवालों से दूरी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए। पायलट ने कार्यकर्ताओं और युवाओं को अनुशासन, धैर्य और संस्कार का संदेश देते हुए कहा कि आज समाज में सुनने की संस्कृति कमजोर होती जा रही है। हर व्यक्ति जल्दबाजी में है और संवाद कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना जरूरी है, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
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महंगाई, बेरोजगारी और नीट मुद्दे पर सरकार को घेरा
पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को रोजगार देने और महंगाई कम करने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, लेकिन अब तक जवाबदेही तय नहीं हो सकी।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल
उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। निर्वाचन आयोग का उदाहरण देते हुए पायलट ने कहा कि कई बार जनता और जनप्रतिनिधियों की बात सुनने के बजाय संस्थानों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं।
पिता राजेश पायलट को याद कर हुए भावुक
कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सच्चाई और किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया। पायलट ने कहा कि राजेश पायलट ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और कभी भी सच का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं बल्कि जनसेवा, साहस और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
रमेश मीना का बड़ा हमला, नार्को टेस्ट की चुनौती
वहीं कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मंत्री रमेश चंद मीना ने मंच से तीखे तेवर दिखाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मानेसर प्रकरण में कथित 10 करोड़ रुपये लेने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने पैसे लिए हैं तो उनका नार्को टेस्ट कराया जाए। साथ ही उन्होंने अशोक गहलोत का भी नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई।
'मेरे पास हैं लेनदेन के दस्तावेज'
रमेश मीना ने दावा किया कि निर्दलीय, बीटीपी और भाजपा विधायकों से जुड़े कथित लेनदेन के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में पार्टी को राजनीतिक नुकसान हुआ। वहीं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नाम आने और आरोप प्रमाणित होने के बावजूद वे मंत्री पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
यह भी पढ़ें: कोटा-बीकानेर के बाद अब जयपुर पर सवाल! महिला अस्पताल में जमीन पर बैठी मिली प्रसूता, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
कृषि मंत्री पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री थूक कर चाट रहे हैं। दो करोड़ 45 लाख रुपये की रिश्वत पकड़ी गई है। डायरेक्टर को मंत्री ने नियुक्त किया, मंत्री ही छापे डलवाते हैं और फिर डायरेक्टर पैसे लेकर गोदाम खुलवा देते हैं।
कांग्रेस नेताओं की रही मौजूदगी
सकरघटा गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, अनीता जाटव, घनश्याम मेहर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद रहे।
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पांचना बांध विवाद पर क्या बोले पायलट
सचिन पायलट ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकल सकता है। उन्होंने करौली जिले में पांचना बांध के पानी को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सभी पक्षों को साथ बैठाकर समाधान निकालना चाहिए। पानी किसी एक समाज का नहीं, बल्कि सभी किसानों का अधिकार है। किसान की पहचान उसकी जाति से नहीं बल्कि उसकी मेहनत से होती है। उन्होंने कहा कि जो लोग जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं, वे समाज और प्रदेश दोनों का नुकसान कर रहे हैं।
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किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आज देश और प्रदेश की राजनीति मूल मुद्दों से भटक गई है। जनता महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकारें जनहित के सवालों से दूरी बना रही हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए। पायलट ने कार्यकर्ताओं और युवाओं को अनुशासन, धैर्य और संस्कार का संदेश देते हुए कहा कि आज समाज में सुनने की संस्कृति कमजोर होती जा रही है। हर व्यक्ति जल्दबाजी में है और संवाद कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देना जरूरी है, तभी देश सही दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
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महंगाई, बेरोजगारी और नीट मुद्दे पर सरकार को घेरा
पायलट ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने, युवाओं को रोजगार देने और महंगाई कम करने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, लेकिन अब तक जवाबदेही तय नहीं हो सकी।
लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल
उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। निर्वाचन आयोग का उदाहरण देते हुए पायलट ने कहा कि कई बार जनता और जनप्रतिनिधियों की बात सुनने के बजाय संस्थानों के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और जवाबदेही दोनों जरूरी हैं।
पिता राजेश पायलट को याद कर हुए भावुक
कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट भावुक भी नजर आए। उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सच्चाई और किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया। पायलट ने कहा कि राजेश पायलट ने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाया और कभी भी सच का रास्ता नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं बल्कि जनसेवा, साहस और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
रमेश मीना का बड़ा हमला, नार्को टेस्ट की चुनौती
वहीं कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मंत्री रमेश चंद मीना ने मंच से तीखे तेवर दिखाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मानेसर प्रकरण में कथित 10 करोड़ रुपये लेने के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने पैसे लिए हैं तो उनका नार्को टेस्ट कराया जाए। साथ ही उन्होंने अशोक गहलोत का भी नार्को टेस्ट कराने की मांग उठाई।
'मेरे पास हैं लेनदेन के दस्तावेज'
रमेश मीना ने दावा किया कि निर्दलीय, बीटीपी और भाजपा विधायकों से जुड़े कथित लेनदेन के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में पार्टी को राजनीतिक नुकसान हुआ। वहीं मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में नाम आने और आरोप प्रमाणित होने के बावजूद वे मंत्री पद पर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो नैतिकता के आधार पर उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
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कृषि मंत्री पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री थूक कर चाट रहे हैं। दो करोड़ 45 लाख रुपये की रिश्वत पकड़ी गई है। डायरेक्टर को मंत्री ने नियुक्त किया, मंत्री ही छापे डलवाते हैं और फिर डायरेक्टर पैसे लेकर गोदाम खुलवा देते हैं।
कांग्रेस नेताओं की रही मौजूदगी
सकरघटा गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, किसान और ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान करौली-धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, अनीता जाटव, घनश्याम मेहर, पूर्व विधायक लाखन सिंह मीणा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंच पर मौजूद रहे।