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Jhunjhunu Kidney Case: गलत किडनी निकालने के मामले में सरकार का एक्शन, रजिस्ट्रेशन रद्द कर सीज किया अस्पताल

Wed, 29 May 2024 03:55 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू Published by: प्रिया वर्मा Updated Wed, 29 May 2024 03:55 PM IST
सार

जिले के धनखड़ अस्पताल में किडनी का गलत ऑपरेशन करने के मामले में राज्य सरकार ने अस्पताल का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन रद्द कर अस्पताल को सीज कर दिया है। साथ ही विभिन्न राजकीय स्वास्थ्य योजनाओं में अस्पताल का इम्पेनलमेंट निरस्त करने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।

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Jhunjhunu Kidney Case: Government's action in case of wrong kidney removal, registration of hospital canceled
राजस्थान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झुंझुनू के हाउसिंग बोर्ड स्थित धनखड़ अस्पताल में किडनी का गलत ऑपरेशन करने के मामले में राज्य सरकार ने अस्पताल का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन रद्द कर अस्पताल सीज कर दिया है। साथ ही विभिन्न राजकीय स्वास्थ्य योजनाओं से अस्पताल का नाम हटाने की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। 

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह ने बताया जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना के बाद राजस्थान सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से अस्पताल का नाम हटाने की कार्रवाई की जा रही है। 
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पूरे प्रकरण में 5 सदस्यीय जांच दल गठित कर सर्वोच्च न्यायालय की गाइड लाइन के अनुसार मामले की जांच करवाई जा रही है। इसके बाद पुलिस अधीक्षक झुंझुनू की ओर से एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित मरीज के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज करने तक की जांच भी होगी।
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पहले भी निलंबित हो चुका है डॉ. धनखड़

डॉ.संजय धनखड़ पहले राजकीय भगवानदास खेतान अस्पताल में कार्यरत था। वहां इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप में उसे निलंबित किया जा चुका है। इस तरह के मामले न्यायालय में विचाराधीन भी हैं। 2020 में उसे सीएचसी भालेरी लगाया गया लेकिन वहां उसने ज्वाइन नहीं किया और खुद का अस्पताल खोल लिया।

मामले में पांच सदस्यीय जांच कमेटी ने अस्पताल का रिकॉर्ड खंगालकर डॉ. संजय धनखड़ के बयान लिए। सीएमएचओ डॉ. राजकुमार डांगी व पांच सदस्यीय जांच दल जब अस्पताल पहुंचा, तब तक वहां एक भी मरीज नहीं था। अस्पताल परिसर के सभी पलंग खाली पड़े थे। कलेक्टर व सीएमएचओ का कहना था कि कई मरीजों को बीडीके अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जबकि कई मरीज स्वत: ही चले गए।


मामले को लेकर पत्रकारों ने जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल से कुछ सवाल किए, जिन पर कलेक्टर ने कहा कि अस्पताल को सीज कर दिया गया है और मेडिकल नेग्लीजेंसी की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। उन्होंने कहा कि मरीज की मेडिकल कंडीशन के मामले में जांच रिपोर्ट आए बिना कोई कमेंट नहीं करूंगी, हमारी टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। घटना के किसी गिरोह से जुड़ने की आशंका के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी टीमें जांच कर रही हैं।

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