{"_id":"662a299c50f9797aea0915de","slug":"jhunjhunu-cbi-will-investigate-fraud-case-with-female-professor-of-bits-pilani-2024-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhunjhunu News: बिट्स पिलानी की महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 7.67 करोड़ की ठगी, अब सीबीआई करेगी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhunjhunu News: बिट्स पिलानी की महिला प्रोफेसर को डिजिटल अरेस्ट कर 7.67 करोड़ की ठगी, अब सीबीआई करेगी जांच
Thu, 25 Apr 2024 03:30 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 25 Apr 2024 03:30 PM IST
सार
बिट्स पिलानी (झुंझुनूं) की महिला प्रोफेसर से 7.67 करोड़ की साइबर ठगी मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। पुलिस मुख्यालय ने CBI जांच के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
विज्ञापन
साइबर ठगी की शिकार प्रोफेसर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झुंझुनूं जिले के बिट्स पिलानी की प्रोफेसर से 7.67 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। साइबर ठगों ने खुद को ईडी और पुलिस अधिकारी बताकर प्रोफेसर से रुपये मांगे। महिला प्रोफेसर श्रीजाता डे साइबर ठगों की डिमांड पूरा करने के लिए 80 लाख रुपये लोन भी ले लिया।
विज्ञापन
बता दें कि तीन महीने तक ईडी, ट्राई और महाराष्ट्र पुलिस आदि का डर दिखाकर उनकी हर एक गतिविधियों पर नजर रखी गई। महिला प्रोफेसर श्रीजाता डे से हर दो घंटे में उनकी गतिविधियों और हर दिन उनकी सेल्स रिपोर्ट तक साइबर ठगों ने मंगवाई, जो एक तरह से डिजिटल अरेस्ट था।
विज्ञापन
डिजिटल अरेस्ट में इंटरनेशल गैंग का हाथ
फरवरी में जब मामला खुला और साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई तो पुलिस ने जांच शुरू की। साइबर ठगी इतना हाईटेक था कि मामले को पुलिस मुख्यालय के लिए भेज दिया गया था। पुलिस मुख्यालय की मुख्य साइबर सेल ने करीब 200 से अधिक बैंक खातों को खंगाला तो और चौंकाने वाला सच सामने आया। जो पैसे श्रीजाता डे से ठगे गए थे, वो विदेशी बैंकों के खातों में भी डलवाए गए हैं, जिससे पुलिस को शक है कि इस तरह के डिजिटल अरेस्ट प्रकरणों में इंटरनेशल गैंग का हाथ है।
विज्ञापन
विदेश तक पैसे भेज गए
अब पुलिस इस मामले को CBI को सौंपने की तैयारी में है। जयपुर में डीजीपी यूआर साहू ने बताया है कि ठगी की रकम बहुत ज्यादा है। जांच में सामने आया कि पैसा विदेश तक गया है, ऐसी स्थिति में सीबीआई जांच जरूरी समझी गई है। इधर, एसपी राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि उन्होंने इस फाइल को पुलिस मुख्यालय भेज दिया था। पुलिस मुख्यालय की मुख्य साइबर सेल इसकी जांच कर रही थी। आगे पुलिस मुख्यालय को ही इस फाइल को लेकर फैसला लेना है।
मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर ठगी
साइबर सेल को दी गई रिपोर्ट में श्रीजाता डे के अनुसार, मेरे पास 29 अक्तूबर 2023 को सुबह 8:39 बजे किसी का फोन आया था। उसने बोला कि मैं दूरसंचार विभाग (TRAI) से बोल रहा हूं। इस नंबर पर साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत मिली है। आपका फोन नंबर एक घंटे में बंद हो जाएगा। आपके आधार नंबर पर दूसरा मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। आपके नंबर से अवैधानिक विज्ञापन और उत्पीड़न के मैसेज भेजे गए हैं। मुंबई पुलिस आपके खिलाफ कार्रवाई करेगी। मुंबई पुलिस से फोन आएगा, इसके तुरंत बाद मुझे एक नंबर से चार बार फोन आया।
स्काइप पर करता था बात
महिला प्रोफेसर श्रीजाता डे के अनुसार, एक दिन फिर फोन आया। उसने मुंबई पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताया। उसने कहा कि आपके खिलाफ क्राइम ब्रांच मुंबई में शिकायत मिली है। स्काइप पर जुड़कर ऑनलाइन मीटिंग करनी होगी, जब मैंने मोबाइल पर स्काइप एप नहीं होने की बात की तो उनसे डराकर एप डाउनलोड करा दिया। इसके बाद मीटिंग लिंक भेजकर कहा कि आपकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठगों ने मुझसे कहा कि आप नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में संदिग्ध हैं। इस मामले में 20 लाख रुपये मिले हैं, जिसकी ट्रांजेक्शन रिसिप्ट हम लोगों के पास है।
ठगों ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा
महिला प्रोफेसर श्रीजाता डे के अनुसार, ठगों ने कहा कि आपके नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है।आपके नाम से एक केनरा बैंक का एटीएम कार्ड है। जब श्रीजाता डे ने मना किया तो ठगों ने गिरफ्तार करने और बैंक खाता फ्रीज करने की धमकी दी। पीड़िता ने ऐसे किसी भी मामले में खुद की संलिप्तता से इनकार किया तो ठगों ने मदद करने के नाम पर मुंबई पुलिस सीबीआई ऑफिसर बताकर आकाश कुलेरी नाम से किसी व्यक्ति से स्काइप पर जुड़वाकर संदीप राव से बात कराई। आकाश कुल्हरी ने कहा कि मामला ईडी से जुड़ा है, सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा।
श्रीजाता डे ने ऑनलाइन पैसा डाला
ठगों ने श्रीजाता डे से कहा कि जितना भी रुपया है, उसको डिजिटल वेरीफिकेशन के लिए भेजना पड़ेगा। महिला ने बताया कि वो डर गई थीं। उन्होंने बैंक खाते से 29 अक्तूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक 42 ट्रांजेक्शन किए। 7.67 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।