Rajouri Attack: आतंकी हमले में राजस्थान का एक और जवान शहीद, 10 दिन वेंटिलेटर पर लड़ी जिंदगी मौत से जंग
राजौरी आतंकी हमले में पहले ही झुंझुनू के राजेंद्र प्रसाद भांबू शहीद हो गए थे। अब सतपाल सिंह का भी निधन हो गया। जवान का पार्थिव शरीर सोमवार को गांव पहुंचेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में दस दिन पहले सेना के शिविर पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। हमले में घायल हवलदार सतपाल सिंह ने उधमपुर अस्पताल में रविवार सुबह आखिरी सांस ली। वो राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले थे। इसी हमले में झुंझुनू के ही राजेंद्र प्रसाद भांबू पहले ही शहीद हो गए थे।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार जेतपुरा गांव के हवलदार सतपाल सिंह के सिर और कमर में गोली लगी थी। घायल सतपाल सिंह को उधमपुर आर्मी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। वे तीन जुलाई को ही डेढ़ महीने की छुट्टी के बाद वापस अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। सतपाल सिंह के शहीद होने की सूचना मिलने पर गांव में शोक की लहर छा गई है। शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार शाम तक उनके गांव पहुंचेगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पिता ने भी सेना में दी थी सेवा
सतपाल सिंह साल 2002 में सेना में भर्ती हुए थे। इनके पिता ने भी सेना में सेवा दी थी। सतपाल सिंह के बड़े भाई राजेश भी राजरिफ में कार्यरत हैं। छोटा भाई कुलदीप बुहाना में एडवोकेट है। इनकी पत्नी विंतोष देवी गृहणी है। शहीद का एक 13 साल का बेटा शांतु और 15 साल की बेटी प्रीत है।
राजौरी में हुआ था हमला
बता दें कि सतपाल सिंह 10 दिन पहले जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के परगल में आतंकियों के हमले में घायल हुए थे। हमले में तीन जवान पहले ही शहीद हो गए थे। चार घंटे तक चली गोलीबारी के बाद दो आतंकवादी मारे गए थे।