राजस्थान: पंचायत चुनाव से पहले 8 आरएएस अफसरों के तबादले, डूंगरपुर जिला परिषद सीईओ सहित कई पदों पर नई नियुक्ति
राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले सरकार ने 8 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। डूंगरपुर जिला परिषद को नया सीईओ मिला है, जबकि रावतभाटा और मुण्डावर के एसडीएम को एपीओ किया गया है।
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राजस्थान में प्रस्तावित पंचायतीराज चुनाव से पहले राज्य सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग ने शुक्रवार को राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के 8 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापनाएं की हैं। इनमें छह अधिकारी पदस्थापन की प्रतीक्षा में थे, जिन्हें अब नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रावतभाटा और मुण्डावर के एसडीएम को एपीओ कर दिया गया है।
किस अधिकारी को कहां लगाया?
कार्मिक विभाग के आदेश के अनुसार, रामचन्द्र को अजमेर विकास प्राधिकरण में सचिव नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले अजमेर में राजस्व अपील अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे अजय कुमार आर्य को बारां में अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बनाया गया है। वहीं, पीपलखूंट के एसडीएम जयसिंह-II को मुण्डावर और रावतभाटा के एसडीएम हेमन्त कुमार घनघोर को नई जिम्मेदारी दी गई है।
भंवर लाल जनागल को जिला परिषद डूंगरपुर का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। मांगी लाल को भरतपुर जिले के वैर, सुनील कुमार शिवनिया को बूंदी जिले के हिण्डोली और प्रियंका बकनूजर को धौलपुर जिले के बसेड़ी में उपखण्ड अधिकारी लगाया गया है।
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दो एसडीएम को एपीओ किया
सरकार ने प्रशासनिक कारणों से रावतभाटा की उपखण्ड अधिकारी डॉ. कृति व्यास और मुण्डावर की उपखण्ड अधिकारी सृष्टि जैन को आगामी आदेशों तक पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखा है। दोनों अधिकारियों को कार्मिक विभाग में उपस्थिति देने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी जगह क्रमशः हेमन्त कुमार घनघोर और जयसिंह-II को नियुक्त किया गया है।
तुरंत नई जगह कार्यभार संभालने के निर्देश
आदेश के मुताबिक, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रस्तावित आम चुनाव को देखते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई जगह कार्यभार संभालना होगा। उन्हें कार्यग्रहण अवधि या अवकाश का लाभ लिए बिना नई पोस्टिंग पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट विभाग के ईमेल पर तुरंत भेजनी होगी। विभागाध्यक्षों और जिला कलक्टरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे रिलीवर का इंतजार किए बिना संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारी संभालने के लिए कार्यमुक्त करें। आदेश की पालना नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।