फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan SOG Arrests 4 Doctors Over Fake FMGE Certificates, Over 100 Suspects Identified

राजस्थान: फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट से इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन का खेल, चार डॉक्टर गिरफ्तार

Thu, 15 Oct 2026 04:09 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 15 Oct 2026 04:09 PM IST
सार

राजस्थान एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में 100 से अधिक संदिग्ध चिह्नित हुए हैं। आरोप है कि सर्टिफिकेट के लिए 20 से 30 लाख रुपये तक दिए गए।

विज्ञापन
Rajasthan SOG Arrests 4 Doctors Over Fake FMGE Certificates, Over 100 Suspects Identified
हिमांशु शर्मा-शिवम चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 विदेश से एमबीबीएस की डिग्री लेकर भारत लौटे ऐसे लोगों के खिलाफ राजस्थान एसओजी ने कार्रवाई की है, जिन्होंने FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास किए बिना कथित तौर पर फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप की और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया। एसओजी ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में अब तक 100 से अधिक लोगों को चिह्नित किए जाने की बात सामने आई है, जबकि इस प्रकरण में पहले भी 33 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

विज्ञापन

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के अनुसार, विदेश से मेडिकल डिग्री लेकर भारत में प्रैक्टिस करने के लिए निर्धारित योग्यता परीक्षा FMGE पास करना जरूरी है। आरोप है कि कुछ लोगों ने परीक्षा पास नहीं होने के बावजूद फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए और उनके आधार पर राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में अस्थायी पंजीकरण के लिए आवेदन किया।

विज्ञापन

इस संबंध में एसओजी थाना जयपुर में 4 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढें- राजस्थान: बाल विवाह रोकने के लिए बड़ा बदलाव, प्रधानाचार्य-पटवारी संभालेंगे निगरानी की जिम्मेदारी

20 से 30 लाख रुपये में बनवाए फर्जी सर्टिफिकेट

पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले कुछ लोगों ने FMGE परीक्षा कई बार देने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर कथित बिचौलियों के जरिए फर्जी सर्टिफिकेट बनवाए। इसके लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपये तक दिए जाने की बात सामने आई है। इन सर्टिफिकेट के आधार पर आरोपियों ने राजस्थान के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की और मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन किया।

एसओजी ने इस मामले में पहले मुख्य आरोपी भानाराम माली, तत्कालीन राजस्थान मेडिकल काउंसिल रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कराने और पंजीकरण कराने के लिए कथित तौर पर बिचौलियों ने रकम ली थी।

रूस और कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने वाले आरोपी

एसओजी के अनुसार, हाल में गिरफ्तार चार आरोपियों में भरत भूषण, सौरव शर्मा, हिमांशु शर्मा और शिवम चौधरी शामिल हैं। भरत भूषण ने किर्गिस्तान से एमबीबीएस किया था और 2022 में भारत लौटा था। FMGE परीक्षा में कई बार असफल होने के बाद उसने कथित तौर पर शुभम गुर्जर के माध्यम से 30 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप की।

सौरव शर्मा ने रूस से 2017 से 2023 के बीच एमबीबीएस किया और 2023 में भारत लौटा। परीक्षा पास नहीं होने पर उसने कथित तौर पर बिचौलिए गजेंद्र के माध्यम से 27 लाख रुपये में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज धौलपुर में इंटर्नशिप की और पंजीकरण के लिए आवेदन किया।

हिमांशु शर्मा ने भी रूस से 2017 से 2023 के बीच एमबीबीएस किया था। आरोप है कि उसने 27 लाख रुपये देकर फर्जी FMGE सर्टिफिकेट बनवाया और महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज जयपुर में इंटर्नशिप की। हिमांशु और सौरव रिश्ते में ममेरे-मौसेरे भाई बताए गए हैं।

शिवम चौधरी ने कजाकिस्तान से 2016 से 2021 के बीच एमबीबीएस किया और 2021 में भारत लौटा। FMGE परीक्षा में सफल नहीं होने पर उसने कथित तौर पर गजेंद्र के माध्यम से 30 लाख रुपये में फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप की और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण के लिए आवेदन किया।

100 से अधिक लोगों की पहचान, जांच जारी

एसओजी के अनुसार, जांच में फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप या पंजीकरण कराने वाले 100 से अधिक लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से पहले 33 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कथित बिचौलियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

एसओजी का कहना है कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराने, उनके इस्तेमाल तथा मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण की प्रक्रिया में कथित रूप से शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed