Rajasthan: 'CM सीकर आएंगे तो मैं काले झंडे दिखाऊंगा'...NSUI जिलाध्यक्ष पर पुलिसिया कार्रवाई पर भड़के डोटासरा
Rajasthan: डोटासरा ने आगे चेतावनी दी कि अब अगर सीएम सीकर आएंगे तो मैं, राजेंद्र पारीक, हाकम अली और बाकी सभी नेता झंडे दिखाएंगे। आप सबको गिरफ्तार कर लीजिए। अब जहां भी सीएम जाएंगे, हम काले झंडे दिखाएंगे।
विस्तार
डोटासरा ने इस दौरान सीकर एसपी को फोन पर बातचीत की उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश नागा के साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, जैसे वो कोई हत्या या बलात्कार का आरोपी हो। उसने तो बस काले झंडे दिखाए हैं। क्या अब लोकतांत्रिक विरोध जताना भी अपराध हो गया है? डोटासरा ने आगे चेतावनी दी कि अब अगर सीएम सीकर आएंगे तो मैं, राजेंद्र पारीक, हाकम अली और बाकी सभी नेता झंडे दिखाएंगे। आप सबको गिरफ्तार कर लीजिए। अब जहां भी सीएम जाएंगे, हम काले झंडे दिखाएंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सीएम ऑफिस (CMO) के इशारों पर काम कर रही है। CMO कह रहा है इनकी पिटाई करो, इन्हें मुर्गा बनाओ, कोर्ट में पेश मत करो, इनके रिश्तेदारों पर केस करो,” डोटासरा ने फोन पर एसपी से कहा। उन्होंने पुलिस पर ओमप्रकाश नागा को दो दिन से टॉर्चर करने, उसके मामा और भाई को उठाने और कानून का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए।
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गहलोत का भी हमला, सरकार पर लगाया दमनकारी कार्रवाई का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले में भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सीकर में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने वाले NSUI जिलाध्यक्ष के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना लोकतंत्र के खिलाफ है। उन्होंने बीकानेर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता रामनिवास कूकना के खिलाफ भी पुलिस ने बदले की कार्रवाई की। पुलिस उनके घर पहुंची, खेत से ट्रांसफार्मर उठा ले गई और उनकी डेयरी को सील कर दिया। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस भाजपा सरकार के दबाव में कानून से बाहर जाकर काम कर रही है। उन्होंने गृह सचिव और डीजीपी से इन कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की।
सीकर में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने वाले @NSUIRajasthan के जिला अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश नागा को गिरफ्तार कर उनके साथ गंभीर प्रकृति के अपराधियों जैसा व्यवहार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 24, 2025
इसी प्रकार, बीकानेर में 6 लोगों की मृत्यु पर मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे…
जूली भी भड़के
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीकर में मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने वाले एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा की गिरफ्तारी और उनके साथ पुलिस द्वारा किए गए गंभीर अपराधियों जैसे व्यवहार को अमानवीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है। उन्होंने पुलिस की इस दमनात्मक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों के परिजन पुलिस थानों पर हमला कर अपराधियों को छुड़ाकर ले जा रहे हैं, जबकि पुलिस कांग्रेस के नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं पर दमनात्मक कार्रवाई करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है। कांग्रेस इस रवैये को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
जूली ने बताया कि इसी तरह की एक अन्य घटना बीकानेर में भी घटी, जहां छह लोगों की मृत्यु पर मुआवजे की मांग को लेकर धरना दे रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव रामनिवास कूकना के घर एक आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम पहुंची। तलाशी में कुछ नहीं मिलने पर पुलिस उनके खेतों पर गई, वहां से बिजली का ट्रांसफार्मर हटा दिया और उनकी पारिवारिक डेयरी को सील कर दिया। जूली ने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई गंभीर अपराधियों के साथ किए जाने वाले व्यवहार जैसी है, जो पूरी तरह से लोकतंत्र के विरुद्ध है। उन्होंने कहा, "हम न डरेंगे, न झुकेंगे, और सरकार की दमनकारी नीतियों का डटकर मुकाबला करेंगे।"
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी बताया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दबाव में पुलिस द्वारा की जा रही इस तरह की कार्रवाई के विरोध में आज प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही, उन्होंने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर मांग की है कि पुलिस अधिकारी सरकार के दबाव में ऐसे कार्य न करें, जिससे उन्हें बाद में अदालतों का सामना करना पड़े और वे स्वयं कानून के घेरे में आ जाएं।
क्या है पूरा मामला?
19 अप्रैल को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सीकर दौरे पर थे। जयपुर रोड पर NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा ने सीएम के काफिले के पास जाकर काले झंडे लहराए। इस घटना के बाद 23 अप्रैल को नागा ने उद्योग नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट से बाहर आते हुए नागा ने कहा, “भाजपा सरकार अंग्रेजों की तरह तानाशाही कर रही है। इस घटना के बाद से कांग्रेस ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पार्टी ने पीसीसी कार्यालय में इस विषय को लेकर प्रस्ताव भी पारित किया है।