Paper leak News: OMR घोटाले पर सियासी संग्राम; गहलोत का हमला, भाजपा बोली-यह कांग्रेस शासन की विरासत
Paper leak News: OMR शीट छेड़छाड़ मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा आमने-सामने हैं। गहलोत ने भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए घोटाले की शुरुआत भाजपा शासन में होने का दावा किया। वहीं भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि सभी संदिग्ध परीक्षाएं कांग्रेस शासनकाल में हुईं और यही कांग्रेस की विफलता का प्रमाण है। भजनलाल सरकार ने कार्रवाई जारी रखने का दावा किया है।
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राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट से छेड़छाड़ के खुलासे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए गहलोत ने दावा किया कि यह घोटाला 2018 से पहले भाजपा सरकार के दौरान शुरू हुआ और 2026 तक जारी रहा।
गहलोत ने SOG की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारी 2024 और 2025 तक बोर्ड में सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाया, जिसमें आजीवन कारावास, संपत्ति जब्ती और 10 करोड़ रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया। उनके अनुसार, कांग्रेस शासन में 250 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं और पेपर लीक माफियाओं की संपत्तियां भी ध्वस्त की गईं।
गहलोत ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने युवाओं के हित में परीक्षाएं तक रद्द कीं, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है और केवल कांग्रेस शासनकाल की परीक्षाओं को निशाना बना रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 2024 और 2025 में हुई सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की।
गौरतलब है कि मंगलवार को राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की तीन भर्तियों-महिला पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में बड़े पैमाने पर परिणामों से छेड़छाड़ का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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बीजेपी का पलटवार
गहलोत के आरोपों पर पलटवार करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह बयान स्वयं इस बात की स्वीकारोक्ति है कि OMR घोटाले और पेपर लीक कांग्रेस शासन में हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 से 2023 के बीच 19 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, जिनके खिलाफ भाजपा ने प्रदेशभर में आंदोलन किया। राठौड़ ने कहा कि जिन परीक्षाओं की जांच हो रही है, वे सभी गहलोत सरकार के कार्यकाल में आयोजित हुई थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस शासन में SOG और कानूनी व्यवस्था होने के बावजूद आरोपी अधिकारी पांच साल तक बोर्ड में कैसे बने रहे।
उन्होंने दावा किया कि भजनलाल सरकार ने SOG को पूरी स्वतंत्रता दी है और सत्ता में आने के बाद SIT का गठन कर 138 FIR दर्ज की गईं तथा 394 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। राठौड़ ने कहा कि वर्तमान सरकार पेपर लीक और OMR घोटालों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शेगी नहीं और युवाओं के भविष्य की रक्षा करेगी।