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Paris Paralympics: 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में अवनी लेखरा ने जीता गोल्ड, मोना अग्रवाल ने कांस्य पर जमाया हक
Fri, 30 Aug 2024 04:43 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/राजस्थान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/राजस्थान
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 30 Aug 2024 04:43 PM IST
सार
पेरिस पैरालंपिक में भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया। राजस्थान की अवनी लेखरा और मोना अग्रवाल ने आर-2 महिला 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। अवनी ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि मोना ने कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।
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अवनी लेखरा और मोना अग्रवाल।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पेरिस पैरालंपिक में भारत ने इतिहास रच दिया। राजस्थान की दो बेटियों ने पेरिस में भारत का नाम रोशन किया। राजस्थान जयपुर की अवनी लेखरा और माना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक में पदक पर कब्जा जमाया है। दोनों ही खिलाड़ियों ने आर-2 महिला 10 एम एयर राइफल एसएच-1 में स्वर्ण और कांस्य मेडल जीते हैं। प्रतियोगिता में अवनी ने पहला स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया तो वहीं मोना ने तीसरे स्थान पर ब्रांज मेडल जीता। ससे पहले क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी ने 625.8 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था, वहीं मोना 623.1 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रही थीं।
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अवनी लेखरा पैरालंपिक में दो मेडल जीतने वाली भारत की पहली पैरा एथलीट बनी थीं। अवनी ने टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर राइफल एसएच-1 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता था और 50 मीटर राइफल में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अवनी ने पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में भी गोल्ड मेडल जीता था।
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पद्म श्री से सम्मानित हैं अवनी
अवनी लेखरा को अब तक पद्मश्री, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न, यंग इंडियन ऑफ द ईयर, पैरा एथलीट ऑफ द ईयर समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं। अवनी की जिंदगी में साल 2012 में एक बड़ा हादसा हुआ था, जिसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गईं। एक एक्सीडेंट के बाद वह व्हीलचेयर पर आ गईं, इसके बाद वो कुछ समय डिप्रेशन का शिकार हो गईं थीं।
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मोना ने शुरुआती दौर में ही दिखाया दम
इस प्रतियोगिता में तीसरे नंबर पर रहने वाली 37 वर्षीय मोना अग्रवाल ने अपने शुरुआती दौर में ही अपने हुनर का लोहा मनवाया है। मोना ने दिसंबर 2021 से ही शूटिंग में कदम रखा और इतने कम समय में अपने दमखम का शानदार परिचय दिया। मोना अपने जन्म के कुछ महीनों बाद ही पोलियो से पीड़ित हो गई थीं। मोना के दो बच्चे भी हैं। मोना ने पहले अपनी शुरुआत गोला फेंक और वेट लिफ्टिंग से शुरू किया था और राज्य स्तर तक का सफर तय किया। उन्होंने इस साल 9 मार्च को अपने करियर के चौथे इंटरनेशनल टूर्नामेंट डब्ल्यूएसपीएस पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस जीत के साथ उन्होंने 2024 पेरिस पैरालिंपिक का कोटा भी हासिल कर लिया था।