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Jaipur: गहलोत पर सांसद मीणा का हमला, बोले- जांच करवाई जाए तो मुख्यमंत्री देश के सबसे धनी नेता निकलेंगे
Fri, 09 Jun 2023 04:18 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 09 Jun 2023 04:18 PM IST
सार
सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत पर उदयपुर में एक आदिवासी की जमीन पर अवैध कब्जा करके होटल बनाने का आरोप लगाते हुए सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने ईडी में रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही।
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सांसद किरोड़ीलाल मीणा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत पर उदयपुर में एक आदिवासी की जमीन पर अवैध कब्जा करके होटल बनाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वैभव गहलोत ने शेल कंपनी के जरिए जयपुर के एक होटल में निवेश किया है। किरोड़ी ने बताया कि वह शुक्रवार को ईडी में केस दर्ज करवाएंगे।
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डॉ. किरोड़ी लाल ने कहा कि उदयपुर में एक आदिवासी की जमीन पर वैभव गहलोत और एक अन्य व्यक्ति ने अवैध कब्जा कर रखा था। यूआईटी उदयपुर ने आठ हेक्टेयर में से दो हेक्टेयर जमीन पर होटल निर्माण की अनुमति दे दी और बाकी जमीन को कृषि कार्यों के लिए आवंटित कर दिया। हालांकि, पूरे आठ हेक्टेयर में होटल का निर्माण करवा दिया गया। मीणा ने कहा कि हाईकोर्ट ने 2014 में होटल को गिराने का भी आदेश दिया था लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की. 2018 में 40 और होटल बनाने की अवैध अनुमति दी गई।
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उदयपुर अरावली होटल में वैभव गहलोत भी पार्टनर है, जहां कांग्रेस का चिंतन शिविर हुआ था। होटल मालिक को फायदा पहुंचाने के लिए वहां नदी को ढक दिया गया था। यूआईटी उदयपुर ने गैरू कानूनी रूप से वन क्षेत्र की भूमि को भी आवंटित कर दिया। यह पहला होटल है, जिसके लिए सिंचाई भूमि भी लीज पर दी गई। राज्यसभा सांसद ने बताया कि माउंट आबू में निमदा पैलेस होटल के निर्माण का भी काम चल रहा है। इको सेंसेटिव एरिया में पूर्व सांसद और अशोक गहलोत के सहयोगी बद्रीराम जाखड़ को निर्माण की अनुमति दी गई थी।
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डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि फेयरमोंट होटल में वैभव गहलोत और हिमांशी गहलोत के स्वामित्व वाली सनलाइट कार ट्रैवल कंपनी अज्ञात संपत्तियों और लेनदेन में शामिल है। वैभव गहलोत ने मॉरीशस की शेल कंपनी के जरिए जयपुर के एक होटल में निवेश किया। वहीं फर्जी कंपनी शिवनार होल्डिंग्स के जरिए गहलोत का काला धन निवेश किया गया है। वैभव गहलोत इस कंपनी के जरिए बोगस पेमेंट्स प्राप्त कर रहा है। अगर इस मामले में जांच होती तो गहलोत सबसे अमीर नेताओं की लिस्ट में शामिल होते।