फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Jaipur Traffic Police to Expand ITMS Camera Surveillance, Automated Challans to Curb Violations

जयपुर: अब शहर के चौराहों पर तीसरी आंख से कटेंगे चालान, आईटीएमएस कैमरों से होगी निगरानी

Fri, 23 Oct 2026 08:14 AM IST
सौरभ भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: सौरभ भट्ट Updated Fri, 23 Oct 2026 08:14 AM IST
सार

जयपुर में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर अब आईटीएमएस कैमरों से निगरानी बढ़ाने की तैयारी है। चौराहों पर कैमरों का दायरा बढ़ाकर नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ऑटोमैटिक चालान काटे जाएंगे।

विज्ञापन
Jaipur Traffic Police to Expand ITMS Camera Surveillance, Automated Challans to Curb Violations
राजधानी जयपुर में ट्रैफिक लाइट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी की सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस अब तकनीक का दायरा बढ़ाने जा रही है। आने वाले समय में जयपुर के ज्यादातर चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहनों की तस्वीर लेकर ऑटोमैटिक चालान किए जा सकेंगे। इससे गलत दिशा में वाहन चलाने, रेड लाइट जंप करने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी बढ़ेगी।

विज्ञापन

जयपुर ट्रैफिक पुलिस पहले से ही कैमरों, वीओसी ऐप और इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए नियम तोड़ने वालों के चालान कर रही है। अब आईटीएमएस कैमरों का नेटवर्क बढ़ने से निगरानी व्यवस्था को और व्यापक बनाने की तैयारी है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, कैमरों से मिलने वाले मामलों की जांच और चालान को मंजूरी देने के लिए मुख्यालय में टीम काम करती है। ई-चालान का भुगतान भी ऑनलाइन किया जा सकता है।

विज्ञापन


रात में नियम तोड़ने के ज्यादा मामले

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, रात के समय यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले ज्यादा सामने आते हैं। ऐसे में तकनीक आधारित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। शहर में कुछ स्थानों पर आईटीएमएस कैमरे पहले से लगे हैं, जबकि आने वाले समय में इन्हें अधिकतर चौराहों तक पहुंचाने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस इंटरसेप्टर कार के साथ बाइक इंटरसेप्टर का भी इस्तेमाल कर रही है। इनकी मदद से ओवरस्पीडिंग के अलावा बिना हेलमेट और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है। खासकर वन-वे मार्गों पर गलत दिशा से आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए बाइक इंटरसेप्टर उपयोगी साबित हो रही है।

इस साल 14.30 लाख से ज्यादा चालान

ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल एक जनवरी से 12 अक्टूबर तक जयपुर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर 14,30,462 चालान किए गए। इन पर करीब 17 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई तेज रफ्तार से वाहन चलाने वालों के खिलाफ हुई।

इस अवधि में ओवरस्पीडिंग के 3,17,801 चालान किए गए। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 83,790, नो पार्किंग में वाहन खड़ा करने पर 68,551 और रेड लाइट जंप करने पर 48,775 चालान हुए। दोपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने के 46,651 मामले दर्ज किए गए।वीओसी ऐप से हुए करीब 6.83 लाख चालान

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, इस साल वीओसी ऐप के जरिए करीब 6,82,900 चालान किए गए। इस व्यवस्था में नियम तोड़ने वाले वाहन की तस्वीर लेकर चालान जारी किया जाता है और इसकी सूचना वाहन मालिक के मोबाइल पर भेजी जाती है। इससे हर मामले में वाहन को सड़क पर रोकने की जरूरत नहीं पड़ती।

पुलिस का कहना है कि ऑटोमैटिक चालान प्रक्रिया से कार्रवाई में पारदर्शिता बढ़ती है और वाहन चालकों तथा पुलिस के बीच सीधा संपर्क कम होता है। आईटीएमएस कैमरों का विस्तार इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाने की दिशा में किया जा रहा है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed