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Rajasthan News: इलेक्टोरल बॉन्ड पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का गहलोत ने किया स्वागत, कहा- ऐतिहासिक फैसला
Thu, 15 Feb 2024 11:56 AM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Thu, 15 Feb 2024 11:56 AM IST
सार
Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्ममंत्री अशोक गहलोत ने इलेक्टोरल बॉन्ड पर आज आये सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया। अशोक गहलोत ने कहा कि असंवैधानिक ठहराने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक एवं स्वागतयोग्य है।
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अशोक गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड ने भ्रष्टाचार को बढ़ाने का काम किया। इसने राजनीतिक चंदे की पारदर्शिता को खत्म किया और सत्ताधारी पार्टी भाजपा को सीधे लाभ पहुंचाया। मैंने बार-बार कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड आजाद भारत के सबसे बड़े घोटालों में से एक है। आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह साबित कर दिया है कि इलेक्टोरल बॉन्ड एनडीए सरकार का एक बड़ा घोटाला है। यह फैसला देर से आया पर देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए बेहद ही जरूरी फैसला है। सुप्रीम कोर्ट का धन्यवाद।
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क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड
दरअसल, भारत सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना की घोषणा 2017 में की थी। इस योजना को सरकार ने 29 जनवरी 2018 को कानूनन लागू कर दिया था। आसान भाषा में इसे अगर हम समझें तो इलेक्टोरल बॉन्ड राजनीतिक दलों को चंदा देने का एक वित्तीय जरिया है। यह एक वचन पत्र की तरह है जिसे भारत का कोई भी नागरिक या कंपनी भारतीय स्टेट बैंक की चुनिंदा शाखाओं से खरीद सकता है और अपनी पसंद के किसी भी राजनीतिक दल को गुमनाम तरीके से दान कर सकता है।
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