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Rajasthan Crime: तस्कर ने तस्करों को ऐसे बनाया शिकार! खुद ही पुलिस से पकड़वा दिया नकली माल
Wed, 08 Jul 2026 07:36 AM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Wed, 08 Jul 2026 07:36 AM IST
सार
राजस्थान एएनटीएफ ने मुख्य सप्लायर मांगीलाल विश्नोई को गिरफ्तार किया। उसने ब्रोमो के नाम पर पीओपी भेजकर साथी तस्करों से 6.5 लाख ठगे और खुद ही पुलिस से माल पकड़वा दिया।
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हवाला नेटवर्क
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नशे के कारोबार में मुनाफे की लालच आखिरकार तस्करों पर ही भारी पड़ गई। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने ऐसे शातिर सप्लायर को गिरफ्तार किया है, जिसने प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल के नाम पर अपने ही तस्कर साथियों से 6.5 लाख रुपए ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, ठगी का राज छिपाने के लिए उसने खुद ही पुलिस को मुखबिर के जरिए टैंकर की सूचना देकर माल पकड़वा दिया, ताकि खरीदारों को लगे कि उनका केमिकल पुलिस ने जब्त कर लिया है।
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एएनटीएफ के ऑपरेशन "विषवाहिनी" के तहत गिरफ्तार मुख्य आरोपी मांगीलाल विश्नोई लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार सांचौर-बाड़मेर क्षेत्र के तस्करों ने हैदराबाद से प्रतिबंधित ब्रोमो केमिकल मंगाने के लिए उससे करीब 6.5 लाख रुपए की डील की थी। लेकिन जब ब्रोमो उपलब्ध नहीं हुआ तो उसने महज 3,750 रुपए की पीओपी (कैल्शियम सल्फेट) खरीदकर ड्रमों में भर दी और उन पर ब्रोमो के स्टिकर चिपका दिए।
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खुद रची पुलिस कार्रवाई की साजिश
आरोपी ने केवल नकली माल भेजकर ही ठगी नहीं की, बल्कि पूरे खेल को विश्वसनीय बनाने के लिए ड्रम लोड करते समय वीडियो भी बनवाया। इसके बाद उसी वीडियो के साथ मुखबिर के जरिए पुलिस को टैंकर की सूचना भिजवा दी। नतीजा यह हुआ कि टैंकर रास्ते में ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया और खरीदार तस्करों को लगा कि उनका असली माल जब्त हो गया है। इस तरह आरोपी ने अपने पैसे भी बचा लिए और ठगी का भेद भी छिपाने की कोशिश की।
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10 रुपए के नोट से हुआ हवाला का खेल
जांच में यह भी सामने आया कि भुगतान के लिए आरोपी ने बेहद शातिर तरीका अपनाया। उसने हैदराबाद में अपने चाचा के माध्यम से 10 रुपए के नोट की फोटो सांचौर के तस्करों को भेजी। तस्करों ने स्थानीय हवाला कारोबारी को रकम दी, जबकि हैदराबाद में उसी सीरियल नंबर वाला 10 रुपए का नोट दिखाकर आरोपी के चाचा ने हवाला ऑपरेटर से पैसे ले लिए। इसी तरह 1 और 10 रुपए के नोटों के सीरियल नंबर को टोकन बनाकर लाखों रुपए का हवाला लेनदेन किया गया।
कई राज्यों में बदलता रहा ठिकाना
एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि ऑपरेशन विषवाहिनी के दौरान इस मामले में पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि मुख्य सप्लायर मांगीलाल विश्नोई हैदराबाद, चेन्नई, महाराष्ट्र, केरल और आंध्र प्रदेश में लगातार ठिकाने बदलकर फरार था। तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचना के आधार पर आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त कर लिया है। डिजिटल जांच से नशा तस्करी के नेटवर्क, हवाला लेनदेन और दूसरे राज्यों में सक्रिय गिरोहों से जुड़े कई अहम खुलासे होने की संभावना है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।