फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Diwali Alert: Paneer Supply to Jaipur’s Top Hotels Under Scanner

राजस्थान: दिवाली पर मटर-पनीर खाने से पहले सावधान, जयपुर में बड़े होटलों तक पनीर की सप्लाई जांच के घेरे में

Sat, 17 Oct 2026 08:00 AM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Sat, 17 Oct 2026 08:00 AM IST
सार

दिवाली से पहले जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 520 किलो पनीर नष्ट कराया। बड़े होटलों तक सप्लाई की जांच की जा रही है। पनीर और मावे के नमूनों की रिपोर्ट से गुणवत्ता स्पष्ट होगी।

विज्ञापन
Diwali Alert: Paneer Supply to Jaipur’s Top Hotels Under Scanner
मिलावटी पनीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिवाली पर अगर आप बड़े और स्टार कैटेगरी के होटलों या रेस्टोरेंट में मटर-पनीर, शाही पनीर और दूसरे पनीर से बने व्यंजन बड़े चाव से खाते हैं, तो खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। त्योहारी सीजन में पनीर और मावे की मांग बढ़ने के बीच जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 520 किलो पनीर नष्ट कराया है। पनीर के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। विभाग अब इसकी सप्लाई से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगा। हालांकि, नष्ट कराए गए पनीर के नकली होने की पुष्टि जांच रिपोर्ट से ही होगी।

विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में पनीर की सप्लाई से जुड़े कई बड़े होटल और रेस्टोरेंट के नाम सामने आए हैं। इनमें ग्रैंड उनियारा होटल, नीरोस रेस्टोरेंट, लेमन ट्री प्रीमियर बनीपार्क, लॉर्ड्स इन जयपुर, द फर्न रेजिडेंसी राजापार्क, क्लार्क्स कलेक्शन एस्टर और अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। विभाग बिलों और दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाएगा कि पनीर कहां से खरीदा गया और उसकी आपूर्ति किन प्रतिष्ठानों तक हुई। इन नामों का सामने आना अपने आप में संबंधित होटलों में नकली पनीर परोसे जाने का प्रमाण नहीं है।

विज्ञापन

डेयरी के प्रतिष्ठानों और गोदाम से 520 किलो पनीर नष्ट

दीपावली पर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत केंद्रीय खाद्य सुरक्षा दल ने राजापार्क स्थित हरियाणा डेयरी के दो प्रतिष्ठानों और विवेकानंद कॉलोनी स्थित गोदाम का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान 520 किलो पनीर नष्ट कराया गया और पनीर के दो नमूने जांच के लिए लिए गए। गोदाम में खाद्य लाइसेंस नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

त्योहारी सीजन में मिठाइयों, पनीर की सब्जियों और अन्य व्यंजनों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी आपूर्ति पर निगरानी अहम हो जाती है। विभाग की कार्रवाई के बाद अब नमूनों की जांच और सप्लाई से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल से यह स्पष्ट होगा कि पनीर निर्धारित मानकों पर खरा उतरता था या नहीं।

पहले भी मानकों पर खरे नहीं उतरे पनीर के नमूने

विभाग के अनुसार, इससे पहले लेमन ट्री होटल से ‘मलाईको’ ब्रांड और गीतांजलि अस्पताल की कैंटीन से ‘मक्खन’ ब्रांड के पनीर के नमूने लिए गए थे। प्रयोगशाला जांच में दोनों नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए थे। इन मामलों के निष्कर्षों को मौजूदा कार्रवाई से अलग देखते हुए, नए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

यह भी पढें- एसबीआई रिश्वत मामला: हाईकोर्ट सख्त, बैंक अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश

पनीर के साथ मावे और मिठाइयों की भी जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने जयपुर में पनीर के अलावा दूध, मिल्क केक, मावा मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, ब्रेड, नमकीन और खाद्य तेल के नमूने भी लिए। वैशाली नगर स्थित बालाजी दूध पनीर भंडार से दूध, मिल्क केक और पनीर तथा मोती डूंगरी रोड स्थित बालाजी मिष्ठान भंडार से मावा मिठाई का नमूना लिया गया। झोटवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित रॉ लॉ ड्राई फ्रूट्स से डिहाइड्रेटेड ड्राई फ्रूट्स, नारियल पाउडर, बादाम और पिस्ता के नमूने लिए गए।

बसी और सीतापुरा के औद्योगिक क्षेत्रों में मिश्री, व्हाइट ब्रेड, बॉम्बे पाव ब्रेड, नमकीन भुजिया और रिफाइंड पामोलीन तेल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। कुछ प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, सुरक्षित पानी का उपयोग करने, खाद्य पदार्थों का सही तरीके से भंडारण करने और वैध खाद्य लाइसेंस रखने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दिवाली पर पनीर और मावे की बढ़ती मांग के बीच विभाग की इस कार्रवाई ने खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सप्लाई व्यवस्था पर निगरानी का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। बड़े होटल या रेस्टोरेंट में खाना खाने से ही पनीर की गुणवत्ता की गारंटी नहीं मिलती; वहीं, किसी प्रतिष्ठान का नाम सप्लाई संबंधी जांच में आने भर से यह नहीं माना जा सकता कि वहां नकली पनीर परोसा जा रहा है। असल स्थिति जांच रिपोर्ट और सप्लाई रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही साफ होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed