{"_id":"6720a5937f8a7183a506e1ea","slug":"cow-smuggler-bail-madan-rathore-said-congress-is-protecting-cow-smugglers-2024-10-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Cow Smuggler Bail: जूली के बयान पर मदन राठौर का पलटवार, गो तस्करी और कांग्रेस को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Cow Smuggler Bail: जूली के बयान पर मदन राठौर का पलटवार, गो तस्करी और कांग्रेस को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो
Tue, 29 Oct 2024 02:41 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Tue, 29 Oct 2024 02:41 PM IST
सार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने कहा कि गो वंश पर राजनीति नहीं होनी चाहिए परंतु राजनीति और गो तस्करों को संरक्षण का काम कांग्रेस ने किया है। इन्होंने गो तस्करों को संरक्षण देने का काम किया और अपनी पार्टी का चुनाव चिह्न तक बदल दिया।
विज्ञापन
मदन राठौर।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार के गोवंश को लेकर दिया गए आदेश पर राजनीति शुरू हो गई है। सरकार के मंत्री जोराराम कुमावत ने एक आदेश जारी कर गोवंश को 'आवारा' कहने पर पाबंदी लगा दी। साथ ही निर्देश भी जारी किया कि अब उन्हें सरकारी दस्तावेजों में और सरकारी भाषा में निराश्रित या बेसहारा कहा जाएगा। इस आदेश की घोषणा के साथ थी प्रदेश में राजनीतिक टिप्पणियों को दौर शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीकाराम जूली ने सोशल मीडिया x पर पर लिखा कि भारतीय जनता पार्टी पर वह कहावत चरित्राथ होती है, जिसमें कहा जाता है 'मुंह में राम बगल में छुरी' यह एक तरफ गए के संरक्षण की बात करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ दो तस्कर की जमानत रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में वकील तक नहीं भेज पाते। कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने गाय को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उपचुनाव में गाय के नाम पर वोट बटोरने की बात कही।
विज्ञापन
दो बैल से गाय और बछड़ा तक की राजनीति
इसका जवाब देते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यूं तो गाय पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, पर जो कांग्रेस बार-बार गाय पर राजनीति करने की बात कहती है। मैं उससे पूछना चाहता हूं कि इनका चुनावी चिह्न शुरुआत में दो बैलों की जोड़ी हुआ करता था। फिर गौ तस्करों से सांठगांठ होने के बाद इसे बदलकर गाय बछड़ा कर दिया गया। इससे सवाल खड़ा होता है कि गाय पर राजनीति कौन कर रहा है। गोवंश पर राजनीति किसने की है। गाय बछड़े के नाम पर वोट किसने मांगें। गाय बछड़े के नाम पर हमारी भावनाओं से खिलवाड़ कर वोट लिया और जब गौस्कारों से उन्होंने हाथ मिला लिया तो इन्होंने गाय के बछड़े को छोड़कर पंजा अपना लिया।