Nagaur: हनुमान बेनीवाल ने वसुंधरा राजे पर साधा निशाना कहा- उनका जनाधार खत्म लोग सेल्फी लेने से भी कतराते हैं
सांसद बेनीवाल ने कहा कि राजे ने साल 2008 में खरनाल में 11 लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मगर दो बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद वो राशि नहीं दी और अब खुद के खिसकते जनाधार को देखते हुए तेजाजी के दर्शन के नाम पर दिखावा कर रही हैं। लेकिन तेजा भक्त अब इनके दिखावे में नहीं आएंगे।
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नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को जोधपुर जिले के दौरे पर रहे। यहां उन्होंने भाजपा नेता वसुंधरा राजे पर जमकर निशाना साधा है। सांसद ने कहा कि प्रदेश के लोगों में वसुंधरा राजे का क्रेज खत्म हो गया है। बेनीवाल ने कहा कि गहलोत और वसुंधरा का गठजोड़ है, जो अब खुलकर जनता के सामने आ गया है।
वसुंधरा के प्रति कोई लगाव नहीं
वसुंधरा राजे के नागौर दौरे के संबंध में हनुमान बेनीवाल ने कहा कि प्रदेश में वसुंधरा राजे का कोई क्रेज नहीं है। लोग वसुंधरा के साथ सेल्फी लेने से भी कतराते हैं और आज नागौर के खरनाल में वसुंधरा राजे की सभा मे महज 150 लोगों की उपस्थिति यह इशारा कर रही है कि जनता के मन में अब वसुंधरा के प्रति कोई लगाव नहीं रहा।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि राजे ने साल 2008 में खरनाल में 11 लाख रुपए देने की घोषणा की थी। मगर दो बार मुख्यमंत्री रहने के बावजूद वो राशि नहीं दी और अब खुद के खिसकते जनाधार को देखते हुए तेजाजी के दर्शन के नाम पर दिखावा कर रही हैं। लेकिन तेजा भक्त अब इनके दिखावे में नहीं आएंगे। सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि गुर्जर आरक्षण आंदोलन की बात करें या रावला-घड़साना और सोहला में पानी को लेकर हुए आंदोलन की। उस दौरान तेजा भक्तों पर गोलियां चलाई गईं।
गहलोत -वसुंधरा का है गठजोड़
सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा मैं साल 2009 से वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत के आपसी गठजोड़ के आरोप लगा रहा हूं। अब अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि वसुंधरा राजे ने उनकी सरकार बचाने में मदद की। वहीं नरेंद्र मोदी द्वारा बार-बार अशोक गहलोत को अपना मित्र बताना भी यह दर्शा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस मिले हुए हैं। गठबंधन से जुड़े सवाल पर बेनीवाल ने कहा कि सचिन पायलट अगर-अलग पार्टी बनाते हैं, तो भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए पायलट के साथ गठबंधन की राह खुली है।