गुर्जर आंदोलनः मुख्य सचिव-डीजीपी पर भड़का हाइकोर्ट
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राजस्थान में चल रहे गुर्जर आंदोलन में राजस्थान हाइकोर्ट ने काफी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हाइकोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को फटकार लगाते हुए पूछा कि हफ्ते भर से गुर्जर रेल पटरियों और सड़कों पर जमे हुए हैं इस मामले में क्या कार्रवाई की गई है।
मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि भीषण गर्मी में लाखों लोग परेशान हो रहे हैं और सरकार कमरों में बैठकर समीक्षा कर रही है। क्या मामले में कोई कार्रवाई की गई है या नहीं।
कोर्ट ने सरकार को एक दिन का समय देते हुए कहा कि कल तक बताएं मामले में क्या कार्रवाई हुई, सरकार ने क्या किया। हाइकोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि पिछले दस साल से गुर्जर आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन करते रहे हैं ऐसे में सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की। उनकी मांगों पर क्या विचार किया गया है, यह भी अदालत को अवगत कराया जाए।
सरकार ने आज गुर्जरों को वार्ता के लिए बुलाया
वहीं हाइकोर्ट से फटकार लगते ही राज्य सरकार और उसकी मशीनरी हरकत में आ गई है, सरकार ने गुर्जरों से बातचीत की कवायद दोबारा शुरू कर दी है। इसी कड़ी में सरकार ने गुर्जरों को बातचीत के लिए बुलाया है।
माना जा रहा है दोपहर में सरकार की गुर्जर नेताओं से बातचीत हो सकती है। इस बैठक में गुर्जरों के नेता कर्नल किरोडी सिंह बैंसला भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक दोनों पक्षों में हुई लगभग पांच दौर की बातचीत बेनतीजा ही समाप्त हो चुकी है।
गुर्जरों के अपने रुख से पीछे न हटने के कारण मामला एक जगह ही अटका हुआ है। गुर्जर बिना आरक्षण लिए आंदोलन खत्म करने पर राजी नहीं हैं तो सरकार आरक्षण देने में अपनी बेबसी जता रही है। ऐसे में मामला अधर में ही लटका हुआ है।
आंदोलन से अभी तक हो चुका है 100 करोड़ का नुकसान
वहीं पिछले कई दिनों से चल रहे आंदोलन के दौरान अभी तक रेलवे और राज्य सरकार को भारी भरकम चपत लग चुकी है। अभी तक 200 से ज्यादा ट्रेनों को रद करने के अलावा सैकडों ट्रेनों के रूट में बदलाव किया जा चुका है।
रेलवे को ही अभी तक लगभग एक लाख टिकटों को कैंसल करना पड़ा है। जिसके चलते उसे 100 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं राज्य में भी गुर्जरों के आंदोलन के कारण करोडों की चपत लग चुकी है। रेलवे ट्रैक के अलावा हाइवे पर जमे आंदोलनकारियों के कारण कई रूट पर यातायात पूरी तरह बंद है।
इसके अलावा आंदोलन हिंसक होने के कारण आंदोलनकारी सरकारी संपति को भी नुकसान पहुंचा चुके हैं। राजस्थान में जहां जयपुर, कोटा, जोधपुर और उदयपुर जैसे शहरों में आंदोलन के चलते लोगों को घरों में कैद होना पड़ रहा है। वहीं दिल्ली-मुंबई रेल ट्रैक पूरी तरह ठप होने के कारण देश के अलग अलग हिस्सों में लोग जहां तहां फंसे हुए हैं।