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Folk Safar: राजस्थान की संस्कृति को जीवंत करता शानदार उत्सव, दानिश और मंगनियार संगीत का होगा आयोजन

Wed, 13 Apr 2022 06:01 PM IST
रोमा रागिनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 13 Apr 2022 06:01 PM IST
सार

राजस्थान के लोकनृत्य और हस्तशिल्प को बढ़़ावा देने वाले कार्यक्रम फोक सफर की शुरुआत 13 अप्रैल की शाम से होगी। 

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Folk Safar program promoting folk culture will start on April 13 at Jawahar Kendra in Jaipur
जयपुर में फोक सफर का आयोजन - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

नृत्य और संगीत इंसानों की खुशियों को अभिव्यक्त करने का बेहतरीन माध्यम हैं। लोक नृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसकी महारत भारत के सबसे प्रभावशाली राज्यों में से एक राजस्थान ने बखूबी संभाली हुई है। जहां एक ओर संस्कृतियां विलुप्त होती चली जा रही हैं, राजस्थान बरसों से इसे ज्यों का त्यों अपनी गोद में बनाए रखे हुए है। ऐसे ही जयपुर में एक खूबसूरत प्रदर्शनी फोक सफर का जल्द ही आगाज होने जा रहा है। 

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राजस्थान के लोक नृत्य न केवल भारत के लोगों को, बल्कि समूचे विश्व को आकर्षित करते हैं। इतना ही नहीं, यहां की हाथ से बनी अद्भुत वस्तुओं का पूरी दुनिया में कोई तोड़ नहीं है। भारत ही नहीं, ये वस्तुएं विदेशियों के बीच भी लंबे समय से आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

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यूनेस्को की ओर से आयोजित सांस्कृतिक विरासत आधारित पर्यटन को मतबूत बनाते हुए फोक सफर यानी स्थानीय खूबसूरती की अद्भुत प्रदर्शनी का जल्द ही आगाज किया जाएगा, जो राजस्थान के लिए एक सांस्कृतिक सवारी होने का दावा करता है। हाल ही में स्वदेशी सोशल मीडिया मंच कू ऐप पर अपने आधिकारिक हैंडल के माध्यम से राजस्थान टूरिज्म ने इसकी जानकारी दी है। 

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जवाहर केंद्र में होगा कार्यक्रम
लोक कला और संस्कृति को समर्पित फोक सफर की शुरुआत एक एनजीओ  ने की। इस एनजीओ का निर्माण साल 2000 में हुआ था। यह एनजीओ हर साल सुरगान नामक समारोह का आयोजन करता है। इस साल राजस्थान के दानिश और मंगनियार संगीत इस आयोजन का विशेष आकर्षण हैं। इसके साथ ही लंगा संगीत और उसके बाद कालबेलिया नृत्य की विशेष प्रस्तुति होगी। दरी, जूती, मिट्टी के बर्तनों जैसे हस्तशिल्प भी उपलब्ध होंगे। पश्चिमी राजस्थान की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत को हाइलाइट करना, राजस्थान में आईसीएच आधारित पर्यटन को मजबूत करने का उद्देश्य, कार्यक्रम का विषय है। कार्यक्रम का आयोजन 13 अप्रैल 2022 को 6.30 बजे-8.30 बजे जवाहर कला केंद्र में होगा।


ये ग्रुप देंगे प्रस्तुति

लंगा का आयोजन असिन खान, सत्तर खान और ग्रुप द्वारा किया जाएगा। वहीं, कालबेलिया का आयोजन कालूनाथ कालबेलिया एंड ग्रुप द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्थान की प्रसिद्ध हाथ से बनी हुई वस्तुएं, दरी, जूती, पीपली काम और मिट्टी के बर्तन विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इसके साथ ही डेनमार्क और राजस्थान के संगीत सहयोगी की प्रस्तुति सभी का ध्यान आकर्षित करेगी। डेनमार्क के कलाकारों में मारन हॉलबर्ग, जोर्गेन डिकमेइसो के नाम शामिल हैं। वहीं राजस्थान के प्रसिद्द मंगनियार कलाकारों में मंजूर खान, भुंगर खान, दादा खान, जमील खान और इलियास खान के नाम शामिल हैं।

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