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Rajasthan News: सौतेले पिता ने ही करवाया था समर का अपहरण, पुलिस ने 30 घंटे में सुलझाया पूरा मामला
Wed, 21 Feb 2024 08:13 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Wed, 21 Feb 2024 08:13 AM IST
सार
Dausa: चार दिन पहले मेंहदीपुर बालाजी थाना इलाके से गायब हुए सात वर्षीय बालक समर का अपहरण उसके ही सौतेले पिता ने करवाया था। बालक का पिता उसे बेचने की फिराक में था, जिसके चलते उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह कहानी रची थी।
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पकड़ा गया आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिले के मेहंदीपुर बालाजी थाना इलाके से अपहृत बालक समर को पुलिस ने 30 घंटों के भीतर ढूंढ निकाला। इसके बाद छानबीन में एक नई कहानी पुलिस के सामने आई। दरअसल बालक को उसके ही सौतेले पिता ने गायब करवाया था और उसे बेचने की फिराक में था।
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दौसा जिला पुलिस अधीक्षक वन्दिता राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 फरवरी को बच्चे की मां सुनीता ने मेहंदीपुर बालाजी थाने में अपने बालक के गुम होने संबंधी मामला दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि 17 फरवरी की शाम वह अपने पति दिनेश उर्फ धन्ना और सात साल के बेटे समर के साथ बगदारी जिला भरतपुर से किराये की गाड़ी लेकर मेहंदीपुर बालाजी दर्शन करने के लिए आए थे। यहां पहुंचने पर बालाजी मोड़ पर चाय पीने के लिए उतरे, उस समय उनका बेटा गाड़ी में ही था लेकिन चाय पीकर वापस गाड़ी में पहुंचने पर बालक गायब हो चुका था। बालक की मां द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट के बाद पुलिस ने इस संबंध में छानबीन शुरू कर दी थी।
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इस संबंध में पुलिस ने अलग-अलग टीम गठित कर नदबई, बगदारी, भरतपुर, मलाह आदि स्थानों पर तलाशी की। घटना के समय आसपास मौजूद सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, जिसमें एक संदिग्ध आदमी बालक को गाड़ी से उतारकर ले जाता नजर आया। पुलिस द्वारा माता-पिता से की गई पूछताछ में समर के पिता का व्यवहार असामान्य नजर आया। जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो सौतेले पिता दिनेश ने बताया कि सुनीता उसकी दूसरी पत्नी है, उसकी पहली पत्नी का नाम कोमल है, जो कि बगदारी में ही रहती है। नाबालिग समर सुनीता के पूर्व पति अनमोल का पुत्र है, जिसकी तीन साल पहले एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। एक साल पहले उसकी मुलाकात मध्यप्रदेश के बालाघाट में दिनेश से हुई। उसके बाद दिनेश ने सुनीता का गलत इस्तेमाल करने की नीयत से एक महीने पहले उससे शादी कर ली।
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सुनीता का सात साल का बेटा समर दिनेश के मनसूबों में अड़चन बन रहा था इसलिए उसने अपने साले निरजंन पुत्र मनोज निवासी बगदारी से मिलकर नाबालिग लड़के समर को किसी को बेचने की योजना बनाई और उसके मेहंदीपुर बालाजी से गुम होने की कहानी रची। इसके लिए वह अपने गांव बगदारी से एक किराए की गाड़ी करके बालाजी के दर्शन के बहाने यहां आया था कि अपनी योजना को अंजाम दे सके लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सौतेले पिता के मनसूबों पर पानी फेर दिया और बच्चे को बगदारी से तलाश कर लिया।
आरोपी निरजंन व राहुल पुलिस द्वारा पकड़े जाने की आशंका के चलते समर को बगदारी के समीप छोड़कर भाग गए। यहां बच्चे को तलाश कर रही पुलिस टीम सूचना मिलने पर समर को अपने साथ लेकर आ गई। पुलिस ने आरोपियों की आसपास तलाश की लेकिन वे फरार होने में सफल रहे। फिलहाल पुलिस ने दिनेश उर्फ धन्ना को गिरफ्तार कर लिया है।