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Cough Syrup Row: राजस्थान सरकार ने ड्रग कंट्रोलर को किया निलंबित; कायसन फार्मा की दवाओं का वितरण रोका गया
Sat, 04 Oct 2025 09:06 AM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 04 Oct 2025 09:06 AM IST
सार
Cough Syrup Row: राजस्थान में खांसी की दवा पर विवाद गहराने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। जयपुर स्थित कायसन फार्मा की सभी दवाओं का वितरण रोक दिया गया है और राज्य के ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
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राजस्थान स्वास्थ्य विभाग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजस्थान सरकार ने कफ सिरप विवाद के बाद बड़ा कदम उठाते हुए राज्य ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को निलंबित कर दिया है और जयपुर स्थित कायसन फार्मा द्वारा बनाई गई सभी 19 दवाओं का वितरण तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह निर्णय तब लिया गया है जब मध्यप्रदेश और राजस्थान में कथित रूप से दूषित कफ सिरप से बच्चों की मौतों की खबरें आईं।
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स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने कहा कि दवा मानक तय करने की प्रक्रिया में कथित रूप से अनियमितता पाए जाने के कारण ड्रग कंट्रोलर को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी।
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'5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए'
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह ने भी मामले पर संज्ञान लेते हुए आमजनहित में जांच और रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने को कहा था। विभाग ने एडवाइजरी जारी कर डेक्सट्रोमैथोरपन दवा के इस्तेमाल को लेकर सख्ती बरती है। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार पहले ही 2021 में 4 साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं देने की एडवाइजरी जारी कर चुकी है। अब ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया ने दोबारा स्पष्ट किया है कि सामान्यत: 5 साल से बड़े बच्चों को ही यह दवा दी जाए और 2 साल से छोटे बच्चों को किसी भी स्थिति में यह दवा नहीं दी जानी चाहिए।
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इसके अलावा, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक दवाओं पर चेतावनी अंकित करने की कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। वहीं सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों में उपयोग की जाने वाली दवाओं की खरीद-फरोख्त और आपूर्ति पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
सभी दवाओं के वितरण पर रोक
आरएमएससीएल के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि 2012 से अब तक कायसन फार्मा की दवाओं के 10 हजार 119 सैंपल जांचे गए, जिनमें से 42 सैंपल अमानक पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर इस कंपनी की सभी दवाओं के वितरण पर रोक लगाई गई है। इस मामले में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।