Rajasthan: सीएम गहलोत का निर्देश, सभी कलेक्टर जल संसाधनों का व्यवस्थित प्रबंधन करें
सीएम गहलोत ने पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री गहलोत ने सीएम निवास पर प्रदेश में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मार्च महीने में ही भीषण गर्मी को देखते हुए अगले तीन महीने में पेयजल आपूर्ति की मांग बढ़ेगी। इसे देखते हुए सीएम ने जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और सभी जिला कलेक्टर प्रदेश में सुचारू जलापूर्ति के लिए उपलब्ध जल संसाधनों का व्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि पीएचईडी, बिजली और पुलिस प्रशासन सभी समन्वय के साथ कार्य करें। जिससे पेयजल आपूर्ति की समस्या गंभीर नहीं हो और कानून व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
जिला कलेक्टर पेयजल व्यवस्था के लिए कंटीजेंसी प्लान के तहत आवश्यक स्वीकृतियां शीघ्रता से जारी करें और हैंडपंप और नलकूप मरम्मत के कार्यों को अभियान के रूप में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति बनने पर व्यवस्थाएं सुचारू रहें, जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें। पेयजल संबंधी शिकायतों की प्रभावी मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए।
लोगों को जागरुक करने के निर्देश
जिन जिलों में पेयजल की कमी है वहां लोगों को पेयजल आपूर्ति के बारे में अखबारों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से सूचना उपलब्ध कराई जाए। लोगों को इसके बारे में जागरूक भी किया जाए। जिससे व्यवस्थाएं सुचारू रहें। नहरबन्दी के दौरान प्रभावित जिलों में पेयजल स्टोरेज की समुचित व्यवस्था रखी जाए और पानी चोरी रोकने के इंतजाम किए जाएं।
गृह विभाग की भी ली बैठक
वहीं मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के साथ बैठक ली। जिसमें उन्होंने आंतरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति, मादक पदार्थों, जाली नोट, हथियारों आदि की तस्करी रोकने सहित अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए हैं।
अपराध के खिलाफ राज्य सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा के समक्ष चुनौती उत्पन्न करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता और चौकसी बरती जाए।