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Congress: क्या सरकार रिपीट होगी? मंत्री बोले- पायलट CM नहीं बने तो फॉर्च्यूनर में बैठने लायक ही विधायक जीतेंगे
Thu, 10 Nov 2022 07:19 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 10 Nov 2022 07:19 PM IST
सार
मंत्री गुढा के बयान का समर्थन ओसियां से विधायक दिव्या मदेरणा ने भी किया। दिव्या ने अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर ब्यूरोक्रेसी की यही हालत रही तो एक फॉर्च्यूनर में भरने लायक विधायक ही जीतेंगे। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस ने इसका संकल्प ले लिया है।
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सचिन पायलट और अशोक गहलोत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी नेताओं के बीच की आंतरिक कलह आए दिन सामने आती रहती है। अब एक बार फिर राजस्थान सरकार के मंत्री का बड़ा बयान सामने आया है। अपने बयान में मंत्री ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर ही हमला बोले दिया। सीएम गहलोत पर हमला बोलने वाले सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढा हैं। उन्होंने कहा कि अगर सचिन पायलट को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो कांग्रेस के उतने ही विधायक जीतेंगे जितने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठ जाएं।
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दरअसल, सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र गुढा ने एक बार फिर सचिन पायलट को सीएम बनाने की मांग कर दी। गुढा ने कहा कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने में देरी हो रही है, अगर उन्हें प्रदेश की कमान नहीं दी गई तो राजस्थान में कांग्रेस के उतने ही विधायक चुनाव जीतेंगे जो एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में बैठ सकें और उन्हें गाड़ी में बैठाकर चारधाम की यात्रा करने के लिए पर भेजा जाएगा।
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मंत्री गुढा के बयान का समर्थन ओसियां से विधायक दिव्या मदेरणा ने भी किया। दिव्या ने अपनी ही सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर ब्यूरोक्रेसी की यही हालत रही तो एक फॉर्च्यूनर में भरने लायक विधायक ही जीतेंगे। ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस ने इसका संकल्प ले लिया है। सरकार के मंत्री ही एक दूसरे के खिलाफ बोलकर बात काट रहे हैं।
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बता दें कि राजस्थान में गहलोत सरकार बनने के बाद से ही पार्टी के विधायक दो गुटों में बंटे हुए थे। एक गुट सचिन पायलट को सीएम बनाने के समर्थन में था तो दूसरा अशोक गहलोत के साथ खड़ा था। आखिर में गहलोत को मुख्यमंत्री बनाया गया और पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से संतोष करना पड़ा, लेकिन 2020 में पायलट ने खिलाफत कर दी। उसके बाद से दोंनों गुटों में चली आ रही अदावत अब भी जारी है।
विधायकों ने दे दिया था इस्तीफा
25 सितंबर को कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में शामिल होने की जगह विधायक मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर जुट गए थे। जहां गहलोत गुट के मंत्री और विधायकों ने सचिन पायलट के सीएम बनाए जाने का विरोध किया था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पर पहुंचकर इस्तीफा दे दिया था।